{"_id":"65dc567786c4a08ffc05e04f","slug":"banaras-will-become-no-tripping-zone-with-433-crore-rupees-2024-02-26","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: 433 करोड़ रुपये से नो ट्रिपिंग जोन बनेगा बनारस, विद्युत फॉल्ट की समस्या से मिलेगी मुक्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: 433 करोड़ रुपये से नो ट्रिपिंग जोन बनेगा बनारस, विद्युत फॉल्ट की समस्या से मिलेगी मुक्ति
Mon, 26 Feb 2024 02:45 PM IST
अमन विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Mon, 26 Feb 2024 02:45 PM IST
सार
Varanasi News: पूर्वांचल डिस्कॉम की इस योजना से बनारस के उन क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ मिलेगा, जहां आज भी बांस-बल्ली के सहारे विद्युत तार झूल रहे हैं। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद डिस्कॉम इस कार्ययोजना पर काम करेगा।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : bijli tower.jpg
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पूर्वांचल डिस्कॉम ने बनारस शहर को नो ट्रिपिंग जोन बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की है। 433 करोड़ रुपये की लागत से शहर के 1100 जर्जर पोल बदले जाएंगे। 150 किमी. एलटी लाइन अंडरग्राउंड की जाएगी। ओवरलोड 30 फीडरों का भार कम किया जाएगा। सैकड़ों ट्रांसफॉर्मरों की क्षमतावृद्धि समेत सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए कई कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए नगरीय विद्युत वितरण मंडल प्रथम में 246 करोड़ और द्वितीय में 187 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
शहर से लेकर गांव तक बिजली आपूर्ति सिस्टम कठिनाइयों से जूझ रहा है। बड़ी संख्या में ट्रांसफॉर्मर और पोल जहां यातायात में बाधक बने हैं, वहीं बांस-बल्ली के सहारे दौड़ाई गईं लाइनें आए दिन फॉल्ट का शिकार होकर उपभोक्ताओं की दिक्कतें बढ़ाती हैं। सिस्टम की खामियों को दुरुस्त करने के लिए पूर्वांचल डिस्कॉम ने 433 करोड़ की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी है। इसे स्वीकृति मिलने के बाद कई महत्वपूर्ण कराए जाएंगे।
सर्किल एक में होंगे ये कार्य
विज्ञापन
शहर से लेकर गांव तक बिजली आपूर्ति सिस्टम कठिनाइयों से जूझ रहा है। बड़ी संख्या में ट्रांसफॉर्मर और पोल जहां यातायात में बाधक बने हैं, वहीं बांस-बल्ली के सहारे दौड़ाई गईं लाइनें आए दिन फॉल्ट का शिकार होकर उपभोक्ताओं की दिक्कतें बढ़ाती हैं। सिस्टम की खामियों को दुरुस्त करने के लिए पूर्वांचल डिस्कॉम ने 433 करोड़ की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी है। इसे स्वीकृति मिलने के बाद कई महत्वपूर्ण कराए जाएंगे।
विज्ञापन
सर्किल एक में होंगे ये कार्य
- 723 जर्जर पोल बदलकर नए लगाए जाएंगे।
- 11 किमी. कंडक्टर बदलकर हाई कैपेसिटी के लगाए जाएंगे।
- 58 किमी. एचटी लाइन की गार्डनिंग की जाएगी।
- 33 केवी लाइन के 596 अतिरिक्त पोल लगाए जाएंगे।
- 40 किमी. एलटी और 44 किमी. 33 केवी व 11 केवी लाइन अंडरग्राउंड होगी।
- 33 केवी के छह फीडरों का लोड बंटेगा, 11 केवी के ओवरलोड 14 फीडरों के ट्रांसफॉर्मर नए लगेंगे।
- 67 से लेकर 250 केवीए तक के 133 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमतावृद्धि और बदलने के कार्य होंगे।
- 495 ट्रांसफॉर्मरों की अर्थिंग होगी। आठ आरएमयू लगाए जाएंगे।
- 4 फॉल्ट लोकेटर मशीन और 8 ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर खरीदे जाएंगे।
सर्किल दो में होंगे ये कार्य
- 7 पावर हाउस की क्षमतावृद्धि होगी।
- 16 फीडरों का ओवरलोड बांटा जाएगा।
- 30 किमी. एचटी और 35 किमी. एलटी लाइन अंडरग्राउंड होगी।
- 12 आरएमयू लगेंगे। 4 फॉल्ट लोकेटर मशीन और 8 ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर खरीदे जाएंगे।
- 109 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ेगी, 99 अतिरिक्त लगेंगे।
- 385 जर्जर पोल बदले जाएंगे।
बोले अधिकारी
मुख्य अभियंता चंद्रजीत कुमार ने कहा कि शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था के लिए 433 करोड़ की कार्ययोजना बनाकर भेजी गई है। इससे काम हो जाने के बाद शहर की बिजली आपूर्ति सुदृढ़ होगी। उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।