बनारस-प्रयागराज हाईवे अग्निकांड: जब LPG भरे ट्रक में धमाके से जिंदा जल गया था खलासी, घटना याद कर फिर सहमे लोग
वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर आग लगी तो पुलिस- प्रशासन ने आसपास के लोगों को घर खाली करने के लिए अपील की। आग के डर से लोग अपने गृहस्ती का सामान और मवेशियों को छोड़कर भीषण ठंड में भाग खड़े हुए।
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वाराणसी-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर शनिवार को लगी भीषण आग ग्रामीणों की जहन में 13 साल पहले की घटना को याद दिला दिया। रखौना गांव स्थित नेशनल हाईवे पर 13 वर्ष पहले भी गैस सिलेंडर लदे एक ट्रक में आग लगने से खलासी की झुलसकर मौत हो गई थी। वहीं, गैस सिलेंडर आसमान में उड़ कर तेज धमाके के साथ फटे थे। इससे रखौना और आसपास के गांवों के लोगों में दहशत फैल गई थी। शनिवार की शाम एलपीजी टैंकर में आग लगी तो रखौना और उसके आसपास के ग्रामीणों को 13 वर्ष पुरानी घटना याद आ गई और वे घर छोड़ भागने को मजबूर हो गए।
तीन गावों के लोग मवेशियों को घरों में छोड़कर भागे
एलपीजी टैंकर में आग लगने पर मिर्जामुराद थाने की पुलिस ने एक किलोमीटर के दायरे के तीन गांवों में रहने वाले लोगों से घर छोड़ कर सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की। इसे लेकर रखौना, भिखारीपुर और मेंहदीगंज के ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। ग्रामीण अपने मवेशियों और गृहस्थी के सामान को भगवान भरोसे छोड़कर भीषण ठंड में घरों से बाहर निकले। रात लगभग 9:30 बजे के बाद ग्रामीण अपने घरों की ओर वापस लौटना शुरू हुए।
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दो से 16 किलोमीटर दूरी तक रोके गए वाहन
ओवरब्रिज पर एलपीजी टैंकर में आग लगने के बाद वाराणसी से प्रयागराज जाने वाले वाहनों को रखौना से दो किलोमीटर दूर राजातालाब में रोक दिया। वहीं, प्रयागराज से वाराणसी जाने वाले वाहनों को रखौना से तीन किलोमीटर दूर खजुरी में रोक दिया गया। इसके अलावा रिंग रोड पर वाहनों रखौना से लगभग 16 किलोमीटर दूर हरहुआ चौराहे पर रोक दिया गया। इसके चलते नेशनल हाईवे और रिंग रोड फेज-1 पर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। देर रात आग पर काबू पाया गया तो यातायात व्यवस्था को सुचारु करने में पुलिस को एक घंटे से ज्यादा की मशक्कत करनी पड़ी।
किसी की ट्रेन छूटी, कोई छोटे बच्चे के साथ परेशान हुआ
रखौना में एलपीजी टैंकर में आग लगने से कई लोग खासे परेशान हुए। खजुरी में खड़े मिर्जापुर निवासी अनुपम सिंह और रोहित सिंह ने बताया कि उन्हें महामना एक्सप्रेस ट्रेन से वाराणसी से नई दिल्ली जाना था। शाम सात बज गए, अब न वह दिल्ली ही जा पाएंगे और न वापस घर ही लौट रहे हैं। भदोही से शिवपुर क्षेत्र स्थित अपने ससुराल जा रहीं विमला पांडेय ने कहा कि चार घंटे से वह सड़क पर ही हैं। ठंड की वजह से उनका दो साल का बेटा आरव बहुत परेशान है और रो रहा है। भदोही निवासी पंकज मिश्रा ने बताया कि वह बीएचयू अस्पताल में भर्ती अपने एक रिश्तेदार को खून देने जा रहे थे, मगर चार घंटे से ज्यादा समय से खजुरी में ही रुके हुए हैं।
प्रशासन का बचाव का दावा साबित हुआ हवाहवाई
प्रशासनिक अमले का कारखानों और गैस प्लांट में आग पर काबू पाने का दावा शनिवार की शाम हवा-हवाई साबित हुआ। दरअसल, बीते 28 दिसंबर को जिला क्राइसिस ग्रुप के अध्यक्ष जिलाधिकारी एस राजलिंगम के निर्देशन और सहायक निदेशक कारखाना अर्चना की देखरेख में वाराणसी-जौनपुर मार्ग पर हरहुआ स्थित इंडियन ऑयल के एलपीजी बाटलिंग प्लांट के बाहर एक टैंकर में ट्रक की टक्कर से हुए लीकेज, आग बुझाने, रेस्क्यू और बचाव कार्य का रिहर्सल किया गया था। दावा किया गया था कि ऐसी विषम परिस्थिति में समय रहते हुए तत्काल आग पर काबू पाने वाराणसी जनपद का प्रशासनिक अमला पूरी तरह से तैयार है। मगर, शनिवार की शाम रखौना में एलपीजी टैंकर में आग लगी तो दमकल विभाग असहाय नजर आया।