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बनारस की बेटी ने जीता सारा जहां

Sun, 10 Apr 2016 02:33 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, वाराण्ासी
ब्यूरो/ अमर उजाला, वाराण्ासी Updated Sun, 10 Apr 2016 02:33 AM IST
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बनारस की बेटी ने जीता सारा जहां
सोनी चौरसिया
वक्त की रेत मुझे एड़ियां रगड़ने दे/मुझे यकीन है पानी यहीं से निकलेगा...। दुष्यंत कुमार का यह उम्मीदों से भरा शेर काशी की कथक नृत्यांगना सोनी चौरसिया के विश्व कीर्तिमान बनाने के संकल्प को हकीकत के पंख लगाने में मददगार बना। लक्ष्य के आगे न नींद न चैन। लगातार पांच दिन और पांच रात ठुमरी, दादरा और गजलों की खुशनुमा बंदिशों पर सहजता से लगातार थिरकने की लय को बांधे रखने का बेहद कठिन काम कर सोनी ने साबित कर दिया कि आदमी अगर अपना इरादा बना ले तो फिर जो चाहे उसे अपनी मुट्ठी में कर सकता है। ऐसी ही जिंदादिली को लेकर सोनी ने विश्व कीर्तिमान के सुनहरे ख्वाब को सच में तब्दील कर दिया। रिकॉर्ड तोड़ने के बाद भी उनके नृत्य का सिलसिला जारी रहा।
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शनिवार की रात 9:21 बजे जब सोनी ने हेमलता का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा, तब माउंट लिट्रा स्कूल का सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सोनी के आखिरी दिन की थिरकन का सफर सधे अंदाज में चला। शुक्रवार की रात 1:10 बजे उन्होंने 15 मिनट का ब्रेक लिया। फिर 1:25 बजे मंच पर आईं और उनका नृत्य शुरू हुआ। फिर 3:25 बजे 15 मिनट का ठहराव लेकर वह 3:40 बजे पूरी ताजगी और जोश के साथ लौटीं।
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इसके बाद 4:50 बजे 17 मिनट तक आराम किया और फिर सुबह 5:07 बजे मंच पर लौटीं। आमद, तोड़ी, टुकड़े में पारंपरिक भावों के साथ सोनी ने 7:57 बजे 12 मिनट का ठहराव लिया। 8:09 बजे मच पर्र आइं तो 10:09 बजे तक नाचती रहीं। इस बार उन्होंने 24 मिनट का समय लेकर अपने गुरुओं के साथ आगे बढ़ने की योजनाबद्ध रणनीति बनाई। 10:23 पर वह मंच पर आईं और 12:23 तक नृत्य कर 10 मिनट का ब्रेक ले लिया। 12:33 बजे से वह फिर शाम 5:43 तक नाचती रहीं। फिर ब्रेक लेने के बाद शाम 5:58 बजे वापस आईं और उसके बाद 6:58 बजे पांच मिनट का ठहराव लेकर आगे बढ़ गईं। शाम 7:05 बजे से उनके नृत्य का सिलसिला अनवरत जारी था।
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नारियल पानी, मुलेठी-सतावरी और अश्वगंधा का चूर्ण बना वरदान
सोनी चौरसिया के विश्व कीर्तिमान बनाने के के लिए योग और जड़ी-बूटियों का सहारा लिया गया। उसके प्रशिक्षक और डायटीशियन खानपान और सेहत का पूरा ख्याल रखे हुए हैं। प्रशिक्षक राजेश डोगरा ने बताया कि चार घंटे के अंतराल के बाद सोनी को नारियल पानी सहित अन्य जरूरी पेय पदार्थ दिया जा रहा है। इसके साथ ही शहद, पतली खिचड़ी, लहसुन, शतावरी, अश्वगंधा और मूलेठी चूर्ण तीनों मिलाकर एक चम्मच पानी के साथ दिया जा रहा है। हर अंतराल पर उसका स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जा रहा है।

-07 बजे सुबह सोनी ने शहद, नींबू और गरम पानी लिया
-04 बार दिन में लिया नारियल का पानी
-11 बजे कॉफी और ब्रेड
-01 बजे दोपहर दलिया
-04 बजे शाम को पतली खिचड़ी

 
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