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किरकिरी होने पर बदली व्यवस्था: बीएचयू में बिना पूर्व सूचना कार्यक्रम पर लगी रोक, पोस्टर और बैनर पर भी निदेशक, संकाय प्रमुख के अनुमोदन जरूरी
Tue, 16 Nov 2021 12:45 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Tue, 16 Nov 2021 12:45 AM IST
सार
सहायक कुलसचिव की ओर से सोमवार को जारी आदेश में कहा गया है कि कार्यक्रम से पहले विभागीय समिति का अनुमोदन जरूरी है।
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बीएचयू
- फोटो : kashi hindu vishwavidyalay bhu
विस्तार
बीएचयू के संस्थानों, संकायों और विभागों की ओर से बिना किसी पूर्व सूचना के कार्यक्रम (संगोष्ठी, कार्यशाला, वेबिनार ) कराने पर रोक लगा दी है। साथ ही आयोजनों से जुड़े पोस्टर, बैनर पर भी निदेशक, संकाय प्रमुख का अनुमोदन लेना होगा। इसके अलावा छाया प्रति कुलसचिव कार्यालय को भी भेजनी होगी।
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इस तरह के आदेश के पीछे पिछले दिनों उर्दू विभाग में वेबिनार के पोस्टर को लेकर मचे हंगामे को वजह माना जा रहा है। विभाग की छोटी सी लापरवाही से बीएचयू प्रशासन की भी खूब किरकिरी हुई तो व्यवस्था बदलनी पड़ी। उर्दू विभाग में नौ नवंबर को उर्दू दिवस पर वेबिनार में अल्लामा इकबाल की तस्वीर लगाने और महामना की तस्वीर न होने पर छात्रों ने विरोध जताया था।
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प्रभारी वीसी को ज्ञापन देकर छात्रों ने पोस्टर जारी करने, विश्वविद्यालय की परंपरा का पालन न करने सहित आयोजन में वक्ताओं के बयान पर आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। सहायक कुलसचिव की ओर से सोमवार को जारी आदेश में कहा गया है कि कई संस्थान, संकाय विभाग विश्वविद्यालय प्रशासन की पूर्व सूचना के बिना कार्यक्रम कर रहे हैं, यह प्रशासनिक मुद्दों का कारण बन रहा है। ऐसे में कार्यक्रम से पहले विभागीय समिति का अनुमोदन जरूरी है।
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