बलियाः सीआरओ के खिलाफ तहसीलदार ने कोतवाली में दी तहरीर, मारपीट का आरोप
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बलिया जिले के बांसडीह तहसीलदार ने बुधवार की देर शाम सदर कोतवाली में मुख्य राजस्व अधिकारी व उनके पुत्र समेत दो-तीन अज्ञात के विरूद्घ तहरीर दिया। जिसमें सीआरओ, उनके पुत्र व दो-तीन अज्ञात पर अपने आवास पर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर असलहे के बल पर मारने पीटने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। हालांकि इस मामले में जिलाधिकारी दोनों अधिकारियों से वार्ता कर मामले के रफा-दफा के लिए लगे रहे।
बांसडीह तहसीलदार गुलाब चंद्रा ने तहरीर में उल्लेख किया है कि नगर पंचायत सहतवार का निर्वाचन अधिकारी होने के नाते बांसडीह से करीब 12.30 बजे कलेक्ट्रेट परिसर गया था। जहां सीआरओ का संदेश लेकर एक अज्ञात व्यक्ति पहुंचा, जो अपने आपको उनका पुत्र बता रहा था। कहा कि सीआरओ साहब आपको अपने आवास पर तत्काल बुला रहे है।
आप तत्काल उनसे मिल ले। इसके बाद मैं अपने चालक संजय यादव व गार्डो के साथ उनके आवास पर करीब डेढ़ बजे पहुंचा। जहां सीआरओ ने मुझसे कहा कि तुम और तुम्हारा एसडीएम कुछ नहीं दे रहे हो। तुम जानते नहीं हो कि मैंने एसडीएम राजेश यादव का क्या हाल किया हूं। तुम्हे और तुम्हारे एसडीएम को समझ में कुछ नहीं आ रहा है।
तुम बलिया में कब से हो। मैंने कहा कि एक साल से। कहा कि दो-तीन दिन के अंदर एसडीएम से वार्ता कर प्रतिमाह 10 हजार रुपये के हिसाब से दो। यदि नहीं दोगे तो तुम्हे और तुम्हारे एसडीएम का जीना हराम कर दूंगा। मैंने कहा कि सर आप क्या कह रहे हो। इतना सुनते ही वह आग बबूला हो गए और अपने पुत्र से कहा कि यह अनुसूचित जाति व्यक्ति है, मुझे समझाएगा।
इसके बाद मैं जब आने लगा तो उन्होंने अपने पुत्र व दो-तीन अज्ञात रिश्तेदारों के साथ मुझे असलहा के बल पर बंधक बनाकर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। इतने में ही उनके रिश्तेदारों ने मुझ पर रिवाल्वर तान दिया और जान से मारने की नियत से मारापीटा। जिससे मेरे शरीर पर अंदरूनी चोटे आई है। इसके चलते मेरा निर्वाचन कार्य भी प्रभावित हुआ है।
किसी तरह मैं वहां से जान बचाकर भागा। तहसीलदार ने सीआरओ व उनके पुत्र समेत दो-तीन अज्ञात के विरूद्घ मुकदमा दर्जकर कार्रवाई की मांग की है। उधर, जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारी दोनों अधिकारियों से वार्ता कर मामले की रफा-दफा करने में लगे रहे। समाचार लिखे जाने तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।
तहसीलदार और सीआरओ के बीच मारपीट की घटना और तहरीर देने की सूचना मेरे संज्ञान में नहीं है। तहसीलदार हमसे मिले थे और सीआरओ के विरुद्ध अपना दुख व्यक्त किया था। दोनों अधिकारियों को बुलाकर जो दुराव है उसे दूर कर दिया जाएगा।
श्रीहरि प्रताप शाही, जिलाधिकारी, बलिया