बलिया हत्याकांडः दूसरे पक्ष से नहीं हुई कोई गिरफ्तारी, आरोपी पक्ष की महिलाएं अनशन पर बैठीं
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बलिया जिले के दुर्जनपुर हत्याकांड में आरोपी पक्ष के सभी नामजद लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच की रफ्तार धीमी हो गई है। मामले में कोर्ट के आदेश पर पीड़ित पक्ष के 25 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। लेकिन अभी तक उस पक्ष से किसी की भी गिरफ्तारी नहीं की गई है।
इसे लेकर मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह की भाभी आशा प्रताप सिंह ने शनिवार को एसडीएम को पत्रक सौंपा था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि दूसरे पक्ष के लोगों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वह परिवार की महिलाओं के साथ अपने दरवाजे पर 23 नवंबर सोमवार को अनशन प्रारंभ करेंगी।
चेतावनी के क्रम में सोमवार को आशा प्रताप सिंह पत्नी नरेंद्र प्रताप सिंह, अराधना सिंह, रेखा सिंह, सरोज सिंह, रूमा सिंह, रेखा प्रताप सिंह, चंद्रावती देवी, पूनम सिंह, रेखा देवी, सुखिया देवी, केसरी देवी आदि अपने आवास के सामने बरामदे पर अनशन पर बैठ गईं। इन महिलाओं के समर्थन में कई क्षत्रिय संगठनों के लोगों के भी गांव में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
एसडीएम को दिए पत्रक में कही थी ये बात
दुर्जनपुर गोलीकांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह की भाभी आशा प्रताप सिंह ने उप जिलाधिकारी बैरिया प्रशांत कुमार नायक को शनिवार को पत्रक दिया था। पत्र में आरोप लगाया था कि दुर्जनपुर गोलीकांड के दूसरे पक्ष के आरोपियों पर मुकदमा दर्ज होने के 25 दिन बाद भी पुलिस द्वारा गिरफ्तारी नहीं की जा रही है। इससे वे बेखौफ गांव में घूम रहे हैं।
परिवार में किसी पुरुष सदस्य के न होने से परिवार को बराबर खतरा बना हुआ है। उन्होंने अल्टीमेटम दिया था कि पुलिस प्रशासन दो दिन में यदि दूसरे पक्ष की गिरफ्तारी नहीं करती है तो परिवार की सभी महिलाओं के साथ 23 नवंबर से दुर्जनपुर स्थित मकान के बाहर आमरण अनशन पर बैठेंगी।