'The Kashmir Files': काशी में बालक दास बोले, कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार के दोषियों को दें फांसी
कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार के इतिहास का सच सामने आ गया है। नरसंहार के लिए इस्लामी आतंकवादी तो दोषी हैं ही साथ में आतंकवादियों को समर्थन करने वाले नेता भी अपराधी हैं।
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काशी के संतों ने मांग की है कि कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार के दोषियों को फांसी दी जाए। बुधवार को द कश्मीर फाइल्स को देखने के बाद काशी के संत समाज का आक्रोश फूट पड़ा। कश्मीर में हिंदुओं के नरसंहार की घटना को जीवंत देखकर संत समाज मर्माहत हो गया।
काशी धर्म परिषद के अध्यक्ष महंत बालक दास ने कहा कि कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार के इतिहास का सच सामने आ गया है। नरसंहार के लिए इस्लामी आतंकवादी तो दोषी हैं ही साथ में आतंकवादियों को समर्थन करने वाले नेता भी अपराधी हैं। उनकी पूरी संपत्ति जब्त की जाए।
काशी के संतों को काश्मीर भेजा जाए, जो पता कर सकें कि इस्लामी आतंकवादियों ने कितने मंदिर विध्वंस किए। अब वे किस हालात में हैं। कश्मीरी पंडितों की पुनर्स्थापना और मंदिरों का पुनर्निर्माण तत्काल प्रभाव से किया जाए। रामपंथ के पंथाचार्य डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि कश्मीर को हमेशा केंद्र शासित प्रदेश ही रखा जाए।
नरसंहार के इतिहास को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा
कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार के इतिहास को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। काशी का संत समाज जल्द ही राष्ट्रपति से मिलकर अपनी चिंता से उनको अवगत कराएगा। काशी धर्म परिषद द कश्मीर फाइल्स के निर्देशक और उनकी टीम को काशी में सम्मानित करेगा।
फिल्म देखने के दौरान महंत रामलोचन दास, महंत सर्वेश्वर शरण दास, महंत श्रवण दास, महंत ईश्वर दास, महंत अवध किशोर दास, व्यास राघव ऋ षि, अनिल शास्त्री, आचार्य श्रीराम शास्त्री, कमलेश शास्त्री, सूरज चौधरी, धनंजय यादव, ओमप्रकाश चौधरी शामिल रहे।