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काशी पहुंचीं पद्मश्री बछेंद्री पाल, बोलीं- माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई से कठिन है गंगा सफाई
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 22 Oct 2018 08:48 PM IST
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40 सदस्यीय दल के साथ गंगा सफाई के लिए पहुंचीं पदमश्री बछेंद्री पाल
- फोटो : अमर उजाला
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गंगा नदी की सफाई और अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में लोगों को जागरूक करने को 'मिशन गंगे' गंगा नदी राफ्टिंग अभियान के तहत बछेंद्री पाल की अगुवाई में 40 सदस्यीय टीम सोमवार को वाराणसी पहुंची।
असंभव तो नहीं है लेकिन माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई से कठिन काम है गंगा की सफाई करना। गंगा इतनी मैली हो चुकी हैं कि उनको साफ करने के लिए सभी वर्गों को आगे आना होगा, सभी में जागरूकता लानी होगी, ईमानदारी से कार्य करना होगा तब जाकर यह कार्य सफल हो सकेगा।
गंगा सफाई अभियान के लिए सोमवार शाम अस्सी घाट पहुंचीं माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली भारतीय महिला पद्मश्री बछेंद्री पाल ने इसके साथ ही कहा कि गंगा को अगर सच में साफ करना है तो पढ़े-लिखे लोगों को आगे आना पड़ेगा।
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नमामि गंगे के इस आयोजन में शामिल होने के लिए वह 40 सदस्यों के साथ नाव से यहां पहुंचीं। गंगा की सफाई के लिए वह 25 अक्तूबर तक वह घाटों पर सफाई करने के अलावा जागरूकता रैलियों और स्कूलों में संवाद कार्यक्रम में शामिल होंगीं।
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असंभव तो नहीं है लेकिन माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई से कठिन काम है गंगा की सफाई करना। गंगा इतनी मैली हो चुकी हैं कि उनको साफ करने के लिए सभी वर्गों को आगे आना होगा, सभी में जागरूकता लानी होगी, ईमानदारी से कार्य करना होगा तब जाकर यह कार्य सफल हो सकेगा।
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गंगा सफाई अभियान के लिए सोमवार शाम अस्सी घाट पहुंचीं माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली भारतीय महिला पद्मश्री बछेंद्री पाल ने इसके साथ ही कहा कि गंगा को अगर सच में साफ करना है तो पढ़े-लिखे लोगों को आगे आना पड़ेगा।
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नमामि गंगे के इस आयोजन में शामिल होने के लिए वह 40 सदस्यों के साथ नाव से यहां पहुंचीं। गंगा की सफाई के लिए वह 25 अक्तूबर तक वह घाटों पर सफाई करने के अलावा जागरूकता रैलियों और स्कूलों में संवाद कार्यक्रम में शामिल होंगीं।
हरिद्वार से पटना तक 1500 किमी की यात्रा
बछेंद्री पाल ने बताया कि हरिद्वार से आगे बढ़ते ही गंगा में गंदगी शुरू हो जाती है। कहा, हरिद्वार से पटना तक 1500 किमी की यात्रा में लोगों को जागरुक किया जा रहा है। स्कूली बच्चों को इस समस्या से रूबरू कराते हुए गंगा को बचाने के अभियान से जोड़ेंगे। बताया, गंगा के लिए यह उनका पहला अभियान नहीं है।
1994 में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए अभियान के दौरान सोचा था कि एक बार गंगा की सफाई के लिए भी यात्रा करेंगे। गंगा की गोद में ही पली-बढ़ी हूं। गंगा से उनका गहरा लगाव है। इसलिए लोगों को जागरूक करना है।
1994 में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए अभियान के दौरान सोचा था कि एक बार गंगा की सफाई के लिए भी यात्रा करेंगे। गंगा की गोद में ही पली-बढ़ी हूं। गंगा से उनका गहरा लगाव है। इसलिए लोगों को जागरूक करना है।
माल्यार्पण कर भव्य स्वागत
करीब शाम पांच बजे अस्सी घाट पर टीम के साथ पहुंचीं अर्जुन अवार्डी बछेंद्री पाल का पाणिनी कन्या महाविद्यालय की कन्याओं द्वारा मंत्रोच्चार और माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया। काशीवासियों ने भी इन विभूतियों का स्वागत हर-हर महादेव के जयकारों से किया।
उनकी टीम में पांच आईआईटीयंस, पांच पर्यावरणविद, इंजीनियर, रेेडियो जॉकी और कैमरामैन शामिल हैं। इस दौरान रंगभूमि के कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटक और नमामि गंगे योजना से जुड़ी ज्ञानपुर की कन्याओं से संवाद भी आयोजित किया गया। इस मौके पर डीएफओ मनोज खरे और राजेश शुक्ला ने अगले दिनोें के कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया।