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काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव ने धारण किया अर्धनारीश्वर स्वरूप, 108 किलो आम का लगा भोग
Tue, 15 Jun 2021 03:55 PM IST
हरि User
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: हरि User
Updated Tue, 15 Jun 2021 03:55 PM IST
सार
एक हजार कमल, नीलकंठ, बेला और गेंदा के फूल से बाबा का शृंगार हुआ। ब्रह्म मुहूर्त में विधि-विधान से शृंगार किया गया। इसके पश्चात भक्तों के दर्शन-पूजन के लिए मंदिर का कपाट खोल दिया गया है।
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बाबा श्री काल भैरव का वार्षिक शृंगार
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
वाराणसी के बड़ी पियरी चौखंडी वीर स्थित बाबा श्री काल भैरव का मंगलवार को वार्षिक शृंगार किया गया। मंदिर के महंत राजेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि काशी के कोतवाल बाबा श्री काल भैरव का शृंगार अर्धनारीश्वर स्वरूप में किया गया है। बाबा को 108 किलो आम का भोग लगाने के साथ ब्रह्म मुहूर्त में विधि-विधान से शृंगार किया गया। शृंगार के पश्चात भक्तों के दर्शन-पूजन के लिए मंदिर का कपाट खोल दिया गया है।
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बाबा श्री काल भैरव की दोपहर में शयन आरती और रात में कारन का भोग लगा कर महाआरती की जाएगी। इसके बाद भक्तों के बीच प्रसाद वितरण होगा। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में बाबा श्री काल भैरव का पंचामृत स्नान के पश्चात अर्धनारीश्वर शृंगार किया गया। शृंगार में एक हजार कमल, नीलकंठ, बेला, गेंदा के फूल से बाबा का शृंगार और मंदिर परिसर को सजाया गया। शृंगार के पश्चात बाबा को 108 किलो आम का भोग लगाया गया। मंदिर के पुजारी शुभम मिश्रा ने षोडशोपचार एवं भैरव नामावली स्त्रोत मंत्र के जाप से पूजन अर्चन किया। कार्यक्रम का आयोजन श्री दत्तात्रेय जन कल्याण समिति के तत्वाधान में किया गया है।
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मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ भक्तों को दर्शन करने की अनुमति
मंदिर के महंत राजेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि मंदिर में दर्शन करने वाले भक्तों को मास्क लगाने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग के साथ प्रवेश दिया जा रहा है। इसके साथ ही लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।