{"_id":"5952688a4f1c1b333c8b46ad","slug":"azamgarh-people-protest-for-kaifiyat-express-destination","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कैफियात एक्सप्रेस को मऊ से चलाने की सूचना पर बढ़ रहा उबाल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैफियात एक्सप्रेस को मऊ से चलाने की सूचना पर बढ़ रहा उबाल
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Tue, 27 Jun 2017 07:55 PM IST
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कथित सूचना पर स्वयंसेवी संगठन हरकत में आए
- फोटो : अमर उजाला
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मशहूर शायर कैफी आजमी के नाम पर आजमगढ़ से दिल्ली के लिए चलाई गई कैफियात एक्सप्रेस को कथित रूप से मऊ से चलाने की सूचना मात्र से ही आजमगढ़ जनपद के स्वयंसेवी संगठनों में उबाल आ गया है।
मंगलवार को भारत रक्षा दल ने विभिन्न संगठनों के साथ डीएम से मिलकर कैफियात को आजमगढ़ से चलाने के लिए ज्ञापन सौंपा। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि कैफियात एक्सप्रेस को मऊ से चलाने पर यहां के व्यापारियों और यात्रियों को काफी परेशानी होगी।
जनपद के विकास में सहयोगी इस ट्रेन के हटने से काफी नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि अगर कैफियात को जनपद से हटाया गयात तो ये रेलवे के साथ ही सत्ता पक्ष को भी भारी पड़ेगा। कैफियात एक्सप्रेस हमारी जरूरतों के साथ हमारी भावनाओं से जुड़ी है।
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जनपद के लोग इस पर समझौता करने को तैयार नहीं हैं। रेलवे अपने निर्णय को तुरंत वापस ले। यदि ऐसा नहीं होता है तो नागरिक बड़ा आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।
कार्यकर्ताओं ने व्यापार मंडल, अधिवक्ता संघ, छात्रसंघ, मेडिकल एसोसिएशन सहित अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं को संपर्क कर उनसे भी आंदोलन बनाने की रणनीति बनाने का अनुरोध किया। कैफियात एक्सप्रेस की इस खबर पर आजमगढ़ में पिछले एक सप्ताह से विरोध प्रदर्शन हो रहा है।
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मंगलवार को भारत रक्षा दल ने विभिन्न संगठनों के साथ डीएम से मिलकर कैफियात को आजमगढ़ से चलाने के लिए ज्ञापन सौंपा। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि कैफियात एक्सप्रेस को मऊ से चलाने पर यहां के व्यापारियों और यात्रियों को काफी परेशानी होगी।
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जनपद के विकास में सहयोगी इस ट्रेन के हटने से काफी नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि अगर कैफियात को जनपद से हटाया गयात तो ये रेलवे के साथ ही सत्ता पक्ष को भी भारी पड़ेगा। कैफियात एक्सप्रेस हमारी जरूरतों के साथ हमारी भावनाओं से जुड़ी है।
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जनपद के लोग इस पर समझौता करने को तैयार नहीं हैं। रेलवे अपने निर्णय को तुरंत वापस ले। यदि ऐसा नहीं होता है तो नागरिक बड़ा आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।
कार्यकर्ताओं ने व्यापार मंडल, अधिवक्ता संघ, छात्रसंघ, मेडिकल एसोसिएशन सहित अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं को संपर्क कर उनसे भी आंदोलन बनाने की रणनीति बनाने का अनुरोध किया। कैफियात एक्सप्रेस की इस खबर पर आजमगढ़ में पिछले एक सप्ताह से विरोध प्रदर्शन हो रहा है।
सोशल मीडिया तक ही सीमित कैफियात का मामला
train
आजमगढ़ की लाइफ लाइन कहे जाने वाली कैफियात एक्सप्रेस को मऊ से चलाने की बात को लेकर भले ही हो हल्ला मचा हो पर पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों को फिलहाल मंत्रालय या जोन स्तर पर ऐसा कोई निर्देश नही मिले हैं।
अधिकारियों की मानें तो न ही उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई निर्देश प्राप्त हुए हैं और नही तैयारी को लेकर ही कोई सुगबुगाहट है। सोशल साइट्स पर भी इससे जुड़ी खबरें खुब शेयर, पोस्ट हो रही हैं।
यही नहीं मऊ तक इस ट्रेन को बढ़ाए जाने का विरोध भी शुरू हो गया है पर मंडल मुख्यालय वाराणसी में अधिकारी इस बात से अनभिज्ञता जता रहे हैं। उनका कहना है कि अभी इस प्रकार की कोई सूचना नही है।
न ही भविष्य में ऐसी तैयारी ही की जा रही है। जन संपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि यह खबर केवल सोशल मीडिया पर ही आम है। वास्तविकता में ऐसा कुछ नही है।
अधिकारियों की मानें तो न ही उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई निर्देश प्राप्त हुए हैं और नही तैयारी को लेकर ही कोई सुगबुगाहट है। सोशल साइट्स पर भी इससे जुड़ी खबरें खुब शेयर, पोस्ट हो रही हैं।
यही नहीं मऊ तक इस ट्रेन को बढ़ाए जाने का विरोध भी शुरू हो गया है पर मंडल मुख्यालय वाराणसी में अधिकारी इस बात से अनभिज्ञता जता रहे हैं। उनका कहना है कि अभी इस प्रकार की कोई सूचना नही है।
न ही भविष्य में ऐसी तैयारी ही की जा रही है। जन संपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि यह खबर केवल सोशल मीडिया पर ही आम है। वास्तविकता में ऐसा कुछ नही है।