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Varanasi News: आयुर्वेदिक उपचार से कम हुआ कोविड संक्रमण का लोड, इस शोध में मिले सकारात्मक परिणाम

Tue, 17 Sep 2024 09:32 AM IST
प्रगति चंद माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी।
माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 17 Sep 2024 09:32 AM IST
सार

आईएमएस बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में विशेषज्ञों को शोध में मिले सकारात्मक परिणाम

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Ayurvedic treatment reduced load of covid infection
BHU - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना संक्रमित जिन मरीजों के उपचार में आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग किया गया है, उनमें वायरल लोड एलोपैथी दवाओं के प्रयोग वाले मरीजों की तुलना में कम मिला है। आईएमएस बीएचयू में आयुर्वेद संकाय के विशेषज्ञों के शोध का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। शोध का प्रकाशन अगस्त 2024 के अंक में एक शोध पत्रिका में भी हुआ है।
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शोध में आयुर्वेद संकाय के विशेषज्ञों के साथ ही ईएनटी, न्यूरोलॉजी आदि डिपार्टमेंट के डॉक्टर भी शामिल रहे। आयुर्वेद संकाय के प्रो. पीएस ब्याडगी के निर्देशन में हुए शोध में दस से अधिक विशेषज्ञों ने भागीदारी की। इसमें बीएचयू अस्पताल में भर्ती कोरोना के ऐसे मरीज, जिनमें गंभीर और हल्के लक्षण थे, को तीन समूहों (80-80-80 मरीज) में बांटकर दवाइयां दी गईं और फिर उसके प्रभावों का अध्ययन किया गया।
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प्रो. ब्याडगी का कहना है कि दो समूह के मरीजों को आधुनिक चिकित्सा यानी एलोपैथी दवाओं के साथ आयुर्वेद की अलग-अलग दवाएं दी गईं। तीसरे समूह में मरीजों को केवल एलोपैथी दवाएं दी गईं। तीनों समूहों में मरीजों का 15 दिन तक के उपचार के दौरान लक्षणों और आरटीपीसीआर निष्कर्षों के आधार पर, एक मूल्यांकन किया गया था। 
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रोगियों के पूर्ण स्वस्थ होने के परिणाम के आधार पर यह पाया गया कि समूह सी जिसमें केवल आधुनिक चिकित्सा दी गई थी, उसकी तुलना में परीक्षण दवा के समूह (यानी समूह ए और बी) के रोगियों को अस्पताल से पहले छुट्टी मिल गई। किसी भी मरीज में किसी तरह का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं मिला।
आयुर्वेदिक औषधियों के प्रयोग से दिखा तेजी से सुधार

प्रो. पीएस ब्याडगी के अनुसार आयुर्वेदिक औषधियों में शिरीषादी क्वाथ, संजीवनी वटी, पंचगव्य घृतग्रैन्यूल्स और शुंठी (सूखी अदरक पाउडर) से इलाज किए गए रोगियों के रोग के लक्षण जैसे- सूखी खांसी, सांस की तकलीफ में सुधार के साथ भूख लगने के लक्षणों में तेजी से सुधार दिखा। साथ ही वायरल प्रसार के जोखिम को कम करने के भी प्रमाण पाए गए हैं।


शोध करने वाली टीम में रहे यह शामिल
कोविड संक्रमित मरीजों पर शोध में प्रो. परमेश्वरप्पा एस. ब्याडगी प्रमुख अन्वेषक हैं। इसमें अलावा डॉ. अरुण कुमार द्विवेदी, डाॅ. मीना कुमारी, डॉ. विश्वंभर सिंह, डॉ. सुनील कुमार मिश्रा, वैद्य सुशील कुमार दुबे, डॉ. अश्विनी कुमार चौधरी, डॉ. आरएन चौरसिया, डॉ. नम्रता जोशी, डॉ. हितेश जानी और डॉ. राजीव मिश्रा आदि शामिल रहे।
 
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