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बीएचयू में आयुर्वेद संकाय संगोष्ठी: कैंसर के उपचार में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति उपयोगी
Mon, 08 Aug 2022 12:16 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 08 Aug 2022 12:16 PM IST
सार
बीएचयू वैदिक विज्ञान केंद्र सभागार में तीन दिवसीय संगोष्ठी का समापन हो गया है। संगोष्ठी में प्रो. सुनील चौधरी ने कैंसर के उपचार में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को उपयोगी बताया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
विस्तार
बीएचयू आयुर्वेद संकाय की ओर से चल रहे तीन दिवसीय संगोष्ठी का समापन रविवार को हुआ। भारतीय गाय, कृषि और समग्र स्वास्थ्य विषय पर आयोजित संगोष्ठी में प्रो. सुनील चौधरी ने कैंसर के उपचार में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को उपयोगी बताया। बीएचयू वैदिक विज्ञान केंद्र सभागार में आयोजित संगोष्ठी में प्रो. राज सुधाकर ने जैविक खेती के फायदे बताए। कहा कि गाय के गोबर और गोमूत्र के माध्यम से कृषि उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। मिट्टी के लिए गोमूत्र की उच्च क्षारीयता लाभदायक है।
उन्होंने औषधीय पौधे जैसे- शतावरी, अश्वगंधा, परिजात, गोकर्ण, कालमेघ , तुलसी आदि को हर घर में लगाने का आह्वान किया। अध्यक्षता प्रो.केके सिंह ने की। इस दौरान गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र नागपुर से मुख्य समन्वयक सुनील मानसिंह का, अजीत महापात्र, डॉ. हरिकृष्ण, प्रो. ओपी सिंह, प्रो. सुनंदा पढेकर, डॉ. शालिनी, प्रो. गुरू प्रसाद सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
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उन्होंने औषधीय पौधे जैसे- शतावरी, अश्वगंधा, परिजात, गोकर्ण, कालमेघ , तुलसी आदि को हर घर में लगाने का आह्वान किया। अध्यक्षता प्रो.केके सिंह ने की। इस दौरान गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र नागपुर से मुख्य समन्वयक सुनील मानसिंह का, अजीत महापात्र, डॉ. हरिकृष्ण, प्रो. ओपी सिंह, प्रो. सुनंदा पढेकर, डॉ. शालिनी, प्रो. गुरू प्रसाद सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
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