{"_id":"57f2c0584f1c1b093426ffe2","slug":"ax-fell-on-negligence","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही पर गिरी गाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही पर गिरी गाज
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 04 Oct 2016 02:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले के सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था जांचने पहुंचे अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों को खामियां ही खामियां मिलीं। कई अस्पतालों में तो चिकित्सक और कर्मचारी भी उपस्थित नहीं थे। कहीं गंदगी से मरीज और तीमारदार परेशान मिले तो किसी अस्पताल में सरकारी सुविधाएं न दिए जाने की शिकायत मिली। नाराज एसीएमओ ने प्रभारी चिकित्साधिकारियों से सुधार लाने को कहा। गैरहाजिर डॉक्टरों आैर कर्मचारियों से जवाब मांगा। साथ ही इनका सीएमओ ने वेतन रोका है। उधर शहर में टॉयलेट निर्माण में लापरवाही पर नगर आयुक्त ने 11 सफाई इंस्पेक्टरों का वेतन रोका। इसी तरह डीआईओएस कार्यालय के राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक और पटल सहायक पर डीएम की गाज गिरी। कार्य में लापरवाही पर दोनों का वेतन रोक दिया है।
जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर सुविधाओं का हाल जानने सोमवार को बारह टीमें एक साथ निकलीं। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह के निर्देश पर हुए औचक निरीक्षण में 11 चिकित्सकों के साथ ही 25 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। सीएमओ ने सभी का इस दिन का वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण तलब किया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति अधिकारियों की उदासीनता पर डीएम की ओर से पिछले दिनों की गई कार्रवाई का असर अब देखने को मिल रहा है। सोमवार को आराजीलाइन, हरहुआं, चिरईगांव, बड़ागांव, पिंडरा, काशी विद्यापीठ पीएचसी, सीएचसी आदि पर निरीक्षण में चिकित्साधिकारी के साथ ही लैब टेकनीशियन, फार्मासिस्ट आदि कर्मचारी गैरहाजिर मिले।
सीएमओ ने भी विरॉवकोट सीएचसी, पिंडरा पीएचसी, बड़ागांव में सुविधाएं जानी। कहा कि त्योहारों के मद्देनर 24 घंटे चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। अगले आदेश तक सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को आकस्मिक अवकाश नहीं मिलेगा। उधर, काशी विद्यापीठ पीएचसी पर एसीएमओ डॉ. आरके सिंह ने जिन डॉक्टर और कर्मचारियों को अनुपस्थित पाया, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी शुक्ला का कहना था कि पांचों की ड्यूटी पल्स पोलियो अभियान में लगाई गई थी। इसकी जानकारी दी गई, बावजूद गैर हाजिर कर दिया गया।
विज्ञापन
गरीब तथा मलिन बस्तियों में निजी टॉयलेट के निर्माण में लापरवाही पर नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही ने 11 सफाई इंस्पेक्टरों का वेतन रोक दिया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि हर हाल में लक्ष्य को तय अवधि में पूरा किया जाए। नगर आयुक्त ने शहरी गरीबों से अपील की है कि जिनके पास शौचालय नहीं है, वे नगर निगम कार्यालय में आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से शहरी क्षेत्र में 10 हजार निजी टॉयलेट बनाने का लक्ष्य नगर निगम ने रखा है। पहले चरण में 3304 लोेगों को चुना गया है। इसमें से 258 को चेक भी दिया जा चुका है। नगर आयुक्त ने बताया कि जिन्हें चेक दिया जा चुका है, उनके टॉयलेट निर्माण अब तक पूरा हो जाना चाहिए।
विज्ञापन
जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर सुविधाओं का हाल जानने सोमवार को बारह टीमें एक साथ निकलीं। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह के निर्देश पर हुए औचक निरीक्षण में 11 चिकित्सकों के साथ ही 25 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। सीएमओ ने सभी का इस दिन का वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण तलब किया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति अधिकारियों की उदासीनता पर डीएम की ओर से पिछले दिनों की गई कार्रवाई का असर अब देखने को मिल रहा है। सोमवार को आराजीलाइन, हरहुआं, चिरईगांव, बड़ागांव, पिंडरा, काशी विद्यापीठ पीएचसी, सीएचसी आदि पर निरीक्षण में चिकित्साधिकारी के साथ ही लैब टेकनीशियन, फार्मासिस्ट आदि कर्मचारी गैरहाजिर मिले।
विज्ञापन
सीएमओ ने भी विरॉवकोट सीएचसी, पिंडरा पीएचसी, बड़ागांव में सुविधाएं जानी। कहा कि त्योहारों के मद्देनर 24 घंटे चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। अगले आदेश तक सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को आकस्मिक अवकाश नहीं मिलेगा। उधर, काशी विद्यापीठ पीएचसी पर एसीएमओ डॉ. आरके सिंह ने जिन डॉक्टर और कर्मचारियों को अनुपस्थित पाया, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी शुक्ला का कहना था कि पांचों की ड्यूटी पल्स पोलियो अभियान में लगाई गई थी। इसकी जानकारी दी गई, बावजूद गैर हाजिर कर दिया गया।
विज्ञापन
गरीब तथा मलिन बस्तियों में निजी टॉयलेट के निर्माण में लापरवाही पर नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही ने 11 सफाई इंस्पेक्टरों का वेतन रोक दिया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि हर हाल में लक्ष्य को तय अवधि में पूरा किया जाए। नगर आयुक्त ने शहरी गरीबों से अपील की है कि जिनके पास शौचालय नहीं है, वे नगर निगम कार्यालय में आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से शहरी क्षेत्र में 10 हजार निजी टॉयलेट बनाने का लक्ष्य नगर निगम ने रखा है। पहले चरण में 3304 लोेगों को चुना गया है। इसमें से 258 को चेक भी दिया जा चुका है। नगर आयुक्त ने बताया कि जिन्हें चेक दिया जा चुका है, उनके टॉयलेट निर्माण अब तक पूरा हो जाना चाहिए।