अवधेश राय हत्याकांड: पूर्व विधायक को गवाही के लिए सुरक्षा देने का आदेश, 15 जनवरी को है पेशी
विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए सियाराम चौरसिया की अदालत ने 31 साल वर्ष पूर्व बहुचर्चित अवधेश राय हत्याकांड में पूर्व विधायक अजय राय को गवाही के लिए सुरक्षा देने का आदेश दिया है।
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नवगठित विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए सियाराम चौरसिया की अदालत ने 31 साल वर्ष पूर्व बहुचर्चित अवधेश राय हत्याकांड में पूर्व विधायक अजय राय को गवाही के लिए सुरक्षा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पुलिस आयुक्त को विटनेश प्रोटेक्शन स्कीम के तहत 15 जनवरी को अदालत में पेशी सुनिश्चित करने के लिए आदेशित किया है।
अदालत ने मामले में आरोपी बांदा जेल में निरुद्ध बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को डीसी ई-कोर्ट के जरिये पेशी सुनिश्चित करने के लिए बांदा जेल अधीक्षक को आदेशित किया है। मामले में वर्ष 2007 में जिस दिन कोर्ट में सुनवाई के दौरान तत्कालीन विधायक अभियोजन गवाह व मृतक अवधेश राय के भाई अजय राय से जिरह चल रही थी, उसी दिन सिविल कोर्ट और कलक्ट्रेट परिसर में आतंकवादी बम ब्लास्ट की घटना हो गई थी।
जान का खतरा बताते हुए मांगी पर्याप्त सुरक्षा
इस खौफनाक घटना में तीन अधिवक्ता समेत नौ लोग मारे गए और कई लोग घायल हुए थे। इसी के बाद जान को खतरा बताते हुए आरोपी राकेश न्यायिक की याचिका पर सुनवाई स्थगित रही। इस मामले की सुनवाई शुरू होने पर पूर्व विधायक अजय राय से जिरह के लिए नोटिस तामील होने पर अधिवक्ता अनुज यादव व विकास सिंह ने गवाही के दौरान जान का खतरा बताते हुए पर्याप्त सुरक्षा दिए जाने का कोर्ट से आवेदन देकर अनुरोध किया।
ताकि बिना भय व दबाव के पूर्व विधायक गवाही कर सके। जिस पर पुलिस आयुक्त को स्पेशल प्रोटेक्शन स्कीम 2018 के तहत सुरक्षा देने के लिए कोर्ट ने आदेशित किया। बता दें कि तीन अगस्त 1991 में चेतगंज थाने से कुछ ही दूरी पर अवधेश राय के आवास पर अंधाधुंध फायरिंग कर हमला कर दिया गया था, जिसमें बाहुबली मुख्तार अंसारी, अब मृत माफिया मुन्ना बजरंगी, राकेश न्यायिक, भीम सिंह, कमलेश सिंहसमेत कई लोग आरोपित है।
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