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Varanasi: तिरुपति का प्रसाद ग्रहण करने वालों का काशी में प्रायश्चित शुरू, पंचगव्य का प्राशन कर शुद्धिकरण

Tue, 24 Sep 2024 04:41 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 24 Sep 2024 04:41 AM IST
सार

श्री काशी विश्वनाथ धाम के निकट स्थित राजराजेश्वरी मंदिर में सोमवार से मंदिर के पुजारियों ने तिरुपति का प्रसाद खाने वालों के लिए निशुल्क अनुष्ठान शुरू किया है।

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Atonement for those who accepted Tirupati Prasad begins in Kashi
तिरुपति का प्रसाद ग्रहण करने वालों का काशी में प्रायश्चित शुरू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तिरुमाला देवस्थान का प्रसाद ग्रहण करने वालों का काशी में प्रायश्चित शुरू हो गया है। भक्त पंचगव्य के जरिये अपना प्रायश्चित कर रहे हैं। श्री काशी विश्वनाथ धाम के निकट स्थित राजराजेश्वरी मंदिर में सोमवार से मंदिर के पुजारियों ने तिरुपति का प्रसाद खाने वालों के लिए निशुल्क अनुष्ठान शुरू किया है।

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राजराजेश्वरी मंदिर में सोमवार को जोशी परिवार के सदस्यों का पंचगव्य प्राशन के साथ शुद्धिकरण व प्रायश्चित कराया गया। तुलसी कमलाकांत जोशी ने बताया कि वह जुलाई में तिरुपति बालाजी के दर्शन करने गए थे। प्रसाद में जानवरों की चर्बी मिली होने के बारे में जानकारी मिली तो मन बहुत आहत हो गया था।
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इसके प्रायश्चित के लिए अपने गुरुजनों से परामर्श किया तो उन्होंने पंचगव्य प्राशन के बारे में सलाह दी। इसलिए शुद्धिकरण कर रहे हैं। तुलसी संजय जोशी ने बताया कि उनके चाचा हर साल तिरुपति जाते हैं। पिछले साल वह दर्शन करने गए थे और वहां से प्रसाद लेकर आए थे।
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अब पंचमेवा, फल  बताशा, रामदाना का प्रसाद
घटना के बाद अब देश भर के मंदिरों में प्रसाद की व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी है। श्री काशी विद्वत परिषद सनातनी हिंदुओं की आस्था के अनुसार ही प्रसाद चढ़ाने और ग्रहण करने की व्यवस्था करने की तैयारी में है। अखाड़ा परिषद, अखिल भारतीय संत समिति और सरकार के सहयोग से प्रसाद की नई व्यवस्था लागू की जाएगी। अब मंदिरों में पंचमेवा, फल, बताशा और रामदाना के प्रसाद चढ़ाने की व्यवस्था की जाएगी। द्वादश ज्योतिर्लिंग, देवी मंदिरों और देश भर के सभी छोटे-बड़े देवालयों में प्रसाद अर्पण करने में बड़ा बदलाव होगा। भगवान को सात्विक प्रसाद अर्पण हो, इसके लिए काशी विद्वत परिषद ने सनातनी  पुराणों के अनुसार सात्विक भोग चढ़ाने का खाका तैयार किया है। 

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