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दोस्त की दौलत बनी दोस्ती में दरार की वजह, फिर जो हुआ.....

Wed, 18 Mar 2020 12:33 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Wed, 18 Mar 2020 12:33 AM IST
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Asked for Rs 20 lakh for kidnapping friend's innocent child
फाइल फोटो

लालच बुरी बला है, ये जानते तो सभी है, लेकिन लोग गिरफ्त में इसके बहुत जल्दी आते हैं। तभी तो वाराणसी के रामनगर में दो दोस्तों के बीच में दरार की वजह एक दोस्त की दौलत ही बन गई। फिर जो घटना हुई उसने अपनेपन, रिश्ते के विश्वास और मानवीय मूल्यों पर सवाल खड़े कर दिए। दरअसल, 20 लाख रुपये के लालच में एक युवक सोनू खरवार ने अपने दोस्त के चार साल के मासूम बच्चे का अपहरण कर लिया। सूजाबाद स्थित जिस मकान में बच्चे को छुपाया गया था, उसके मालिक की सूचना के आधार पर रामनगर थाने की पुलिस ने सक्रियता दिखाकर मंगलवार की भोर में बच्चे को बरामद कर लिया। प्रकरण में गाजीपुर के करंडा के विवेक और चंदौली के साहबगंज थाना के विशुनपुरा निवासी ऋषभ श्रीवास्तव को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी विशुनपुरा निवासी सोनू खरवार की तलाश की जा रही है।

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चंदौली जिले के साहबगंज थाना के विशुनपुरा निवासी किराना व्यापारी प्रकाश उर्फ बलिस्टर जायसवाल का चार साल का बेटा कार्तिक सोमवार की शाम अचानक गायब हो गया था। काफी खोजबीन के बाद भी कार्तिक का पता नहीं लगा। रात 10:30 बजे प्रकाश के मोबाइल पर फोन आया कि बेटे को सकुशल चाहते हो तो 20 लाख रुपये तैयार रखो। पैसा कहां देना है, इसके बारे में थोड़ी देर बाद बताया जाएगा।

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उधर, देर रात सूजाबाद निवासी संतोष तिवारी ने रामनगर थाना प्रभारी विनोद मिश्रा को फोन किया। बताया कि उनके यहां मकान में किराये में रहने वाले विवेक सिंह के कमरे में दो युवकों के साथ एक छोटा सा बच्चा है। साथ ही संतोष ने कहा कि मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।
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Asked for Rs 20 lakh for kidnapping friend's innocent child
Child Kidnapping - फोटो : Brandsynario

सूचना के आधार पर थाना प्रभारी रामनगर ने सूजाबाद चौकी इंचार्ज आशीष मिश्रा के साथ संतोष के घर की घेराबंदी की। दरवाजा खटखटाने पर आरोपियों ने बच्चे को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस सख्ती से पेश आई तो कुछ देर बाद आरोपियों ने दरवाजा खोल दिया। बच्चे के साथ विवेक और ऋषभ पकड़े गए, जबकि सोनू चकमा देकर भागने में सफल रहा।

बच्चा पहचानता था, इसलिए विरोध नहीं किया

पूछताछ में सामने आया कि प्रकाश के घर आने-जाने के कारण सोनू उनके परिवार के सभी सदस्यों से घुला-मिला था। प्रकाश की अच्छी आर्थिक स्थिति देख उसके मन में लालच आया। इस पर सोनू ने अपने दोस्त विवेक और ऋषभ को तगड़ी रकम देने का वादा कर अपनी योजना में शामिल किया। सोमवार की दोपहर बाद कार्तिक को उसके घर के समीप से बहला-फुसला कर सोनू उसे चंदौली ले गया। इसके बाद तीनों उसे लेकर सूजाबाद चले गए। सोनू को पहचानने के कारण कार्तिक विरोध नहीं किया। घर के बारे में पूछने पर सोनू बार-बार कह रहा था कि जल्द ही चलेंगे।

मकान मालिक और पुलिस का जताया आभार

कार्तिक को लेने के लिए उसके परिवार के लोग सभी रामनगर थाने आए थे। मां मीरा देवी जैसे ही अपने कलेजे के टुकड़े को देखीं तो फफक कर रोने लगीं। परिजनों ने बताया कि कार्तिक तीन बहनों का छोटा भाई है। कार्तिक के परिजनों ने मकान मालिक संतोष तिवारी और रामनगर थाने की पुलिस का आभार जताया। सभी ने कहा कि विश्वासघात कर मासूम का अपहरण करने वाले सोनू को पकड़ कर पुलिस कड़ी से कड़ी सजा दिलाए।

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