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Varanasi News: नींद खुलते ही मासूम पूछता है कहां हैं मम्मी-पापा और नानी

Sat, 12 Oct 2024 03:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 12 Oct 2024 03:02 AM IST
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As soon as the child wakes up, he asks where are his parents and grandmother.
नींद खुलते ही मासूम पूछता है कहां हैं मम्मी-पापा और नानी
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- बिहड़ा गांव के समीप सड़क हादसे में चार लोगों की गई थी जान, इकलौता बचा बालक भर्ती है बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में

माई सिटी रिपोर्टर

वाराणसी। मां-बाप और नानी को सड़क हादसे में खोने वाले शिवांश पांडेय (12) की बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में जब भी नींद खुलती है तो वह पूछता है कि मम्मी-पापा कहां हैं? नानी और अमृता आंटी कहां हैं? मासूम को हादसे के दूसरे दिन शुक्रवार को भी कोई यह बताने की हिम्मत नहीं जुटा सका कि उसके मां-बाप और नानी अब इस दुनिया में नहीं रहे। फिलहाल शिवांश एक हफ्ते तक डॉक्टरों की निगरानी में रहेगा। उसके बाद उसके बाएं कंधे और दाएं घुटने के ऑपरेशन के संबंध में डॉक्टर निर्णय लेंगे।

बिहार के बक्सर के मूल निवासी दीपक पांडेय (35) चांदपुर क्षेत्र के बजरंग नगर में रहते थे। दीपक शहावाबाद, रोहनिया स्थित एक चारपहिया वाहन कंपनी के जनरल मैनेजर थे। दीपक अपनी पत्नी दीपमाला पांडेय (32), बेटे शिवांश उर्फ रिट्टू (12) और सास फुलकेश्वरी देवी (55) के अलावा पत्नी की सहेली अमृता गुप्ता (32) के साथ बुधवार की रात विंध्याचाल मंदिर में दर्शन-पूजन करने गए थे। घर वापसी के दौरान बृहस्पतिवार की भोर बिहड़ा में उनकी कार हाईवे पर किनारे खड़े डंपर के पीछे जा घुसी। हादसे में शिवांश को छोड़ कर अन्य सभी की मौत हो गई। दीपक, दीपमाला और फुलकेश्वरी देवी के शव की अंत्येष्टि बृहस्पतिवार की देर रात मणिकर्णिका घाट पर की गई। जबकि, अमृता का शव लेकर परिजन बिहार के आरा स्थित घर चले गए।
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शिवांश की देखरेख कर रहे उसके दूर के रिश्तेदार और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नागेंद्र सिंह ने बताया कि वह बृहस्पतिवार की सुबह से ही बच्चे के साथ हैं। कुछ अन्य रिश्तेदार भी देखरेख के लिए हैं। हादसे से बच्चा सहमा हुआ है और बहुत कुछ कह पाने की स्थिति में नहीं है। उसकी हालत खतरे से बाहर है, लेकिन दवा का असर कम होता है और नींद खुलती है तो वह अपने मम्मी-पापा के बारे में पूछने लगता है। समझ में नहीं आता कि मासूम को कैसे बताएं कि अब उसके मां-बाप इस दुनिया में नहीं रहे।
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