वाराणसी। जैन धर्म के 10 दिनों तक चलने वाले महापर्व दसलक्षण पर नगर के कई जैन मंदिरों में कार्यक्रम हुए। नरिया स्थित श्री दिगंबर जैन संस्थान में आत्म शुद्धि से समरस समाज की ओर चलने की बात की गई। श्री 1008 दिव्यांग पीठ के महामंडलेश्वर स्वामी कृपानंद जी महाराज ने कहा कि यह आत्म शुद्धि के पर्व के रूप में मनाया जाता है।
जाने-अनजाने में हुईं गलतियों पर क्षमा मांगता है बहुत ही अच्छी परंपरा है और भारतीय संस्कृति की प्रमुख विशेषता भी। किसी से क्षमा मांगने से कोई छोटा नहीं हो जाता वरन उसके मन का मैल धुल जाता है। अध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार जैन ने बताया कि संस्थान की ओर से अभी तक 70 पुस्तकों का प्रकाशन किया जा चुका है, जिनमें समरसता की प्रधानता है। प्रो. जगदीश राय ने स्वामी कृपानंद जी महाराज, दीवि फाउंडेशन के प्रो जगदीश राय और डॉ वीरभद्र सिंह को नशा मुक्ति अभियान के लिए और बच्चों में धार्मिक संस्कार के लिए सन्मति पाठशाला की लता जैन,अनुभा जैन, अनुपमा जैन और अर्चना जैन को सम्मानित भी किया गया। संसाद