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संकट मोचन संगीत समारोह: चौथी निशा में अनुराधा ने की कथक से रुद्रावतार की आराधना

Sun, 24 Apr 2022 01:18 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sun, 24 Apr 2022 01:18 AM IST
सार

संकट मोचन संगीत समारोह की चौथी निशा में रायगढ़ घराने की कथक नृत्यांगना अनुराधा सिंह ने पांच मात्रा सूल ताल में निबद्ध से शिव वंदना से शुरुआत की। तीन ताल में पारंपरिक कथक के बाद श्रीराधा कृष्ण के प्रसंगों को कथक के भावों पर जीवंत किया।

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Anuradha worshiped Rudravatar from Kathak
रायगढ़ घराने की कथक नृत्यांगना अनुराधा सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संकट मोचन संगीत समारोह की चौथी निशा में अनुराधा ने रुद्रावतार हनुमान की कथक से आराधना की। शनिवार को हनुमत दरबार में जहां एक तरफ श्रद्धालुओं की कतार लगी थी, वहीं दूसरी तरफ कलाकार भी संकट मोचन हनुमान जी को संगीत की भावांजलि अर्पित कर रहे थे।

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संकट मोचन हनुमान के दरबार में चौथी निशा में रायगढ़ घराने की कथक नृत्यांगना अनुराधा सिंह ने पांच मात्रा सूल ताल में निबद्ध से शिव वंदना से शुरुआत की। तीन ताल में पारंपरिक कथक के बाद श्रीराधा कृष्ण के प्रसंगों को कथक के भावों पर जीवंत किया। तबले पर सलीम अल्लाहवाले व सहयोगी कलाकारों ने संगत की।
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दूसरी प्रस्तुति में धारवाड़ के विजय पाटिल ने राग सोहनी में जागो कैलाश उमापति जागो से शुरुआत की। इसके बाद रंग रंगीला है छबीला... का गायन किया। रागमारु बिहाग में भजन कहता है जगत मन है प्रिय शिव... ने ऐसा समां बांध दिया कि हनुमान भक्त शिव की धुन में मगन हो गए। तबले पर बंगलूरू के रूपक कल्लूरकर और हारमोनियम पर मैंगलोर के नरेंद्र नाइक ने संगत की।
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आज इनकी प्रस्तुति
कंकणा बनर्जी, रुद्रशंकर मिश्र, नीलाद्री कुमार, नीरज पारिख, तरुण भट्टाचार्य, उस्ताद मोइनुद्दीन खां, कलापिनी कोमकली, नयन घोष

संकटमोचन के दरबार में मुस्लिम कलाकार भी लगाते हैं हाजिरी

Anuradha worshiped Rudravatar from Kathak
संकट मोचन संगीत समारोह में सितार प्रस्तुत करते पद्मश्री उस्ताद शाहिद परवेज खां - फोटो : अमर उजाला

गंगा जमुनी तहजीब का शहर बनारस यूं ही नहीं कहा जाता है। संकटमोचन संगीत समारोह में संगीत जाति, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर कलाकार हाजिरी लगाते हैं। यहां ना तो कोई हिंदू होता है और ना ही मुसलमान, बस संकटमोचन के चरणों में हाजिरी लगाने वाले कलाकार होते हैं।

संकटमोचन संगीत समारोह में मुस्लिम कलाकार भी पूरी श्रद्धा भाव के साथ हाजिरी लगाते हैं। 2006 में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के भांजे उस्ताद मुमताज खां से शुरू हुआ सिलसिला आज भी अनवरत जारी है।

इसके बाद सारंगी वादक कमला साबरी, सितार वादक उस्ताद निशात खां, उस्ताद मोइनुद्दीन खां जैसे बड़े कलाकारों को अपनी प्रस्तुति देने का अवसर मिला। वर्ष 2014 में पहली बार व 2016 में दूसरी बार पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली जैसे कलाकारों ने प्रस्तुति दी। 2014 में उस्ताद अमजद अली खां ने सरोद से अपनी प्रस्तुति दी।

इन मुस्लिम कलाकारों को इसवर्ष मिला मौका

99वें संकटमोचन संगीत समारोह मैं इस वर्ष कई मुस्लिम कलाकारों को मौका मिला है। इनमें कोलकाता से शिराज अली खां। इटावा (इमदादखानी) घराने के 8वीं पीढ़ी के उस्ताद शाकिर खान, उस्ताद गुलाम अब्बास खां, पुणे से उस्ताद शाहिद परवेज खान, कोलकाता से उस्ताद मशकूर अली खां, जयपुर से उस्ताद मोइनुद्दीन खां और मोमिन खां व उस्ताद अकरम खां शामिल हो रहे हैं।

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