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'अंजान' के गांव से उठी अंधविश्वास के खिलाफ आवाज
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Mon, 06 Apr 2015 01:47 AM IST
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‘खईके पान बनारस वाला’ गीत लिखने वाले मशहूर गीतकार लालजी पांडेय उर्फ अंजान के नाम से जिस ओदार गांव को जाना जाता है, अब उस गांव को लोग ‘किरवा वाला गांव’ कहने लगे हैं। ऐसा गांव के ही युवक संदीप पटेल की वजह से हुआ है। शनिवार को संदीप ने खुद को पूर्व जन्म में इच्छाधारी नाग बताकर नागिन से शादी रचाने की तैयारी की बात कहकर कौतूहल पैदा कर दिया है।
उसे देखने के लिए आसपास के हजारों लोग ओदार गांव पहुंच रहे हैं। रविवार को भी लोगों के ओदार पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। इस अंधविश्वास के खिलाफ अंजान के बेटे गीतकार समीर के भतीजे दिलीप के नेतृत्व में कुछ ग्रामीणों ने मुहिम छेड़ी है। वे लोगों को घर-घर जाकर अंधविश्वास के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
फूलपुर थाना क्षेत्र का ओदार गांव आजकल ओझा दयाशंकर के बेटे संदीप पटेल की वजह से सुर्खियों में है। संदीप ने खुद को पूर्व जन्म में इच्छाधारी नाग बताकर शनिवार को चंद्रग्रहण के दिन नागिन से शादी करने का दावा किया था। गांव के शिव मंदिर में होने वाली शादी को देखने हजारों लोग जुट गए थे। पुलिस ने संदीप को हिरासत में ले लिया। इसके बाद भी संदीप कहता रहा कि पूर्व जन्म की पत्नी नागिन उससे शादी करने आएगी।
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पिछले करीब पंद्रह दिनों से संदीप का यह नाटक चल रहा है। इस अंधविश्वास के खिलाफ अब गांव के लोग ही मुखर हुए हैं। अंजान के बेटे समीर के भतीजे दिलीप गांव के उन लोगों का नेतृत्व कर रहे हैं जो इस अंधविश्वास के खिलाफ हैं। दिलीप का कहना है कि जिस ओदार गांव को लोग बॉलीवुड के मशहूर गीतकार अंजान के नाम से जानते हैं, अब उसे ‘किरवा वाला गांव’ कहा जाने लगा है।
गांव की प्रतिष्ठा बचाने के लिए हमें एकजुट होकर अंधविश्वास को दूर करना होगा। न तो कोई पूर्व जन्म में इच्छाधारी नाग था और न ही उसकी नागिन से शादी होने वाली है। गांव के ही शराफत हुसैन बताते हैं कि वाट्सऐप और मैसेज के जरिये इच्छाधारी नाग और नागिन की शादी प्रचारित की गई है। अफवाह फैलाकर हजारों लोगों को भ्रमित किया गया। गांव के राजकुमार बताते हैं कि बाहर के लोगों ने गांव का माहौल बिगाड़ दिया है। नाग और नागिन की झूठी अफवाह फैलाई गई है।
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उसे देखने के लिए आसपास के हजारों लोग ओदार गांव पहुंच रहे हैं। रविवार को भी लोगों के ओदार पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। इस अंधविश्वास के खिलाफ अंजान के बेटे गीतकार समीर के भतीजे दिलीप के नेतृत्व में कुछ ग्रामीणों ने मुहिम छेड़ी है। वे लोगों को घर-घर जाकर अंधविश्वास के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
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फूलपुर थाना क्षेत्र का ओदार गांव आजकल ओझा दयाशंकर के बेटे संदीप पटेल की वजह से सुर्खियों में है। संदीप ने खुद को पूर्व जन्म में इच्छाधारी नाग बताकर शनिवार को चंद्रग्रहण के दिन नागिन से शादी करने का दावा किया था। गांव के शिव मंदिर में होने वाली शादी को देखने हजारों लोग जुट गए थे। पुलिस ने संदीप को हिरासत में ले लिया। इसके बाद भी संदीप कहता रहा कि पूर्व जन्म की पत्नी नागिन उससे शादी करने आएगी।
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पिछले करीब पंद्रह दिनों से संदीप का यह नाटक चल रहा है। इस अंधविश्वास के खिलाफ अब गांव के लोग ही मुखर हुए हैं। अंजान के बेटे समीर के भतीजे दिलीप गांव के उन लोगों का नेतृत्व कर रहे हैं जो इस अंधविश्वास के खिलाफ हैं। दिलीप का कहना है कि जिस ओदार गांव को लोग बॉलीवुड के मशहूर गीतकार अंजान के नाम से जानते हैं, अब उसे ‘किरवा वाला गांव’ कहा जाने लगा है।
गांव की प्रतिष्ठा बचाने के लिए हमें एकजुट होकर अंधविश्वास को दूर करना होगा। न तो कोई पूर्व जन्म में इच्छाधारी नाग था और न ही उसकी नागिन से शादी होने वाली है। गांव के ही शराफत हुसैन बताते हैं कि वाट्सऐप और मैसेज के जरिये इच्छाधारी नाग और नागिन की शादी प्रचारित की गई है। अफवाह फैलाकर हजारों लोगों को भ्रमित किया गया। गांव के राजकुमार बताते हैं कि बाहर के लोगों ने गांव का माहौल बिगाड़ दिया है। नाग और नागिन की झूठी अफवाह फैलाई गई है।