अमर उजाला संवाद: जानकार बोले - ऑटो और ई-रिक्शा पर लगे लगाम, संबंधित विभागों की तय हो जिम्मेदारी
अमर उजाला कार्यालय में आयोजित ट्रैफिक संवाद में जुटे ट्रांसपोर्टर, विभिन्न संगठनों के व्यापारी, बिल्डर, समाजसेवी, ऑटो यूनियन और ट्रक मालिकों ने समस्याओं पर चर्चा की और और सुझाव दिए।
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वाराणसी में यातायात व्यवस्था की बेहतरी को लेकर हर किसी को पहल करने की जरूरत है। ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ और स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ ही अन्य विभागों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। शहर में बगैर परमिट के दौड़ रहे ऑटो और ई-रिक्शा पर लगाम लगाने की जरूरत है। अतिक्रमण हट जाए तो शहर की यातायात व्यवस्था दुरुस्त हो सकती है।
यह बातें बुधवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित ट्रैफिक संवाद में वक्ताओं ने कहीं। संवाद में जुटे ट्रांसपोर्टर, विभिन्न संगठनों के व्यापारी, बिल्डर, समाजसेवी, ऑटो यूनियन और ट्रक मालिकों ने समस्याओं के साथ और सुझाव दिए। परिवहन अधिकारी कौशलेंद्र सिंह ने व्यवस्था दुरुस्त करने और लोगों के सुझाव पर अमल करने की बात कही।
आगरा की तर्ज पर बांटे जाएंगे शहर के चौराहे
परिवहन अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने कहा कि संबंधित विभाग संग बैठक कर समस्याओं पर मंथन किया जाएगा। वहीं, एक ऐसी व्यवस्था लागू होने जा रही है कि शहर का ट्रैफिक हद तक सुधर सकता है। आगरा की तर्ज पर शहर के प्रमुख चौराहों को बांटा जाएगा। चिकित्सक, व्यापारी, बिल्डर, आटो यूनियन अन्य वर्ग के लोगों को इस पहल के लिए आगे आने की अपील की जाएगी।
जानकारों ने क्या कहा
चौकाघाट से कैंट तक अनाधिकृत ऑटो के चलते जाम लगता है। स्थिति काफी खराब हो गई है।- लल्लू यादव, अध्यक्ष, पांडेयपुर व्यापार मंडल
चौकाघाट से ओवरलोड वाहनों की आवाजाही अक्सर होती है। इससे हादसे भी होते हैं।- प्रमोद अग्रहरि, अध्यक्ष, वाराणसी व्यापार मंडल काशी प्रांत
मलदहिया चौराहे पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी होमगार्डों के भरोसे रहते हैं। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।- सन्नी जौहर, उपाध्यक्ष, पेट्रोलियम एसोसिएशन
हुकुलगंज तिराहे पर ट्रांसफार्मर और पेड़ की वजह से जाम लगता है और लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। - चंद्र भूषण दास, अध्यक्ष, हुकुलगंज व्यापार मंडल
लोहटिया में एक कट खोले जाने की जरूरत है, इससे अनावश्यक वाहनों का दबाव सड़क से काम हो सकता है।- हरिशंकर अग्रहरि, व्यापारी
व्यापारी अपने दुकानों के बाहर अतिक्रमण करता है। ऐसा न करें तो यातायात संचालन में दिक्कतें ही नहीं आएंगी। -डंपी तिवारी, अध्यक्ष, मिशन समाज सेवा
अवैध ऑटो का संचालन शहर में हो रहा है। बगैर परमिट के वाहन दौड़ रहे हैं। इससे यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है।- ईश्वर सिंह, अध्यक्ष, आटो यूनियन
पूर्वांचल के सबसे बड़े बाजार होने के नाते यहां ट्रांसपोर्ट नगर बने, 30 फीसदी जाम अपने आप खत्म हो जाएंगे। - सूर्यमणि तिवारी, महामंत्री, यूपी मोटर्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
ट्रांसपोर्ट नगर नहीं होने से ट्रांसपोर्टरों को घरों से काम करना पड़ता है। इसके साथ ही कई दिक्कतें झेलनी पड़ती है।- राजित यादव, कोषाध्यक्ष, बनारस गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
शहर में ट्रैफिक सिग्नल लाइट बढ़ाने की आवश्यकता है। जहां-जहां सिग्नल है, वहां ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर हैं। -अश्विनी दुबे, अध्यक्ष, बनारस गुड्स एसोसिएशन
ट्रैफिक समस्याओं को लेकर विभागीय अधिकारियों संग बैठक कर ट्रैफिक समस्याओं पर मंथन किया जाए। -राजेश रूपानी, ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
पहले यातायात नियोजन समिति गठित हुई थी। व्यापारी खुद ट्रैफिक सिस्टम को सुधारते थे। पूर्व जैसी ही व्यवस्था लागू करने की जरूरत है।- प्रेम मिश्रा, अध्यक्ष, महानगर उद्योग व्यापार समिति
चौराहे से सटकर वाहन स्टैंड चल रहे हैं। जेब्रा क्रासिंग का कहीं पता नहीं है। ई-रिक्शा ने सड़क पर कब्जा कर लिया। -अशोक जायसवाल, महामंत्री, महानगर उद्योग व्यापार समिति
गुरुबाग तिराहे पर वनवे व्यवस्था दुपहिया वाहनों पर भी लागू हो। इससे व्यवस्था सुधरेगी -राहुल मेहता, अध्यक्ष, टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन
सड़कों पर गैराज चल रहे हैं और उनके वाहन सड़क पर ही खड़े होते हैं, जिससे जाम लगता है। - सोमनाथ विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष, महानगर उद्योग व्यापार समिति