अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान: किताबी ज्ञान संग टीकाकरण के लिए चली जागरुकता की क्लास, 88 फीसदी किशोरों को मिला सुरक्षा कवच
वाराणसी में टीकाकरण का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है। अब तक तीन जनवरी से ढाई महीने बाद 88 प्रतिशत बच्चों को पहली डोज का टीका लगाया जा चुका है।
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वाराणसी में 15 से 17 साल के किशोरों के टीकाकरण का ग्राफ बढ़ाने में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही विद्यालय भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद अब आफलाइन क्लास भी अधिकांश विद्यालयों में चल रही है। यहां विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ ही बच्चों को टीकाकरण के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।
जिले के कई विद्यालयों में बच्चों को टीका लगाए जाने के लिए अभियान भी चलाया गया। कुछ विद्यालयों में एक अप्रैल से नया सत्र शुरू होने वाला है, ऐसे में यहां कैंप लगाकर सभी बच्चों को टीका लगाया जाएगा। जिले में 15 से 17 साल के करीब तीन लाख किशोरों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। टीकाकरण का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है।
ढाई महीने में 88 प्रतिशत बच्चों को पहली डोज का टीका
अब तक तीन जनवरी से ढाई महीने बाद 88 प्रतिशत बच्चों को पहली डोज का टीका लगाया जा चुका है। अधिक से अधिक बच्चों को टीका लगाया जा सके और उनके मन से टीके का डर दूर हो, इसमें विद्यालयों की बड़ी भूमिका है। पूर्वांचल स्कूल एसोसिएशन की पहल पर सीबीएसई से जुड़े विद्यालयों में छात्रों को टीकाकरण से सेहत को होने वाले लाभ और बीमारियों से बचाव की जानकारी दी जा रही है। इधर माध्यमिक विद्यालयों में भी छात्र-छात्राओं को कोविड प्रोटोकॉल बताया जा रहा है। इसमें टीकाकरण के बाद भी प्रोटोकॉल का पालन कराने के प्रति जागरूक किया जा है।
55 प्रतिशत किशोरों को लग चुकी है दोनों डोज
जिले में तीन जनवरी से शुरू टीकाकरण अभियान में अब तक 227292 किशोरों को टीका लगाया जा चुका है, जो कि कुल लक्ष्य का 88 प्रतिशत है। इसमें से 1.31लाख किशोर ऐसे हैं, जिन्होंने विद्यालय और केंद्रों पर चले अभियान को मिलाकर दोनों डोज लगवा ली है। औसतन हर दिन 15 से 17 साल वाले 250 से 300 किशोरों को टीका लगाया जा रहा है। राहत की बात यह है कि दूसरी डोज लगवाने वालों की संख्या भी कम नहीं है। लक्ष्य के सापेक्ष 55 प्रतिशत किशोर पूरी तरह से प्रतिरक्षित हो चुके हैं।
विद्यालयों में भी अभियान चलाकर लगे टीके
पूर्वांचल स्कूल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राहुल सिंह ने बताया कि जिले के कई विद्यालयों में बच्चों को टीका लगाए जाने के लिए अभियान भी चलाया गया। पिछले दिनों जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के निर्देश पर विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की सूची तैयार कराकर स्वास्थ्य विभाग को दी गई, जिसके बाद बच्चों को टीका लगाया गया। एक अप्रैल से नया सत्र शुरू हो रहा है। कुछ बच्चे जो बचे हैं, उनको भी कोरोना का टीका लगवाया जाएगा।
संक्रमण से बचाव संग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है टीका
मंडलीय अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.सीपी गुप्ता ने बताया कि कोरोना का टीका लगने से कोविड संक्रमण से बचाव के साथ ही शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाने में भी वैक्सीन कारगर साबित हो रही है। 12 से 14 साल और 15 से 17 साल वाले बच्चों के अभिभावकों को केंद्रों पर पहुंचकर टीका लगवाना चाहिए। अस्पताल की ओपीडी में जो अभिभावक आ रहे हैं, उनको टीकाकरण के फायदे भी बताए जा रहे हैं।
परिवार के सभी सदस्यों को मिला टीके का सुरक्षा कवच
पूरा परिवार लगवा चुका टीका
बांसफाटक स्थित कोतवालपुरा निवासी लक्ष्मणनारायण कपूर ने बताया कि घर के सभी सदस्यों को टीका लगाया जा चुका है। इसमें मधु कपूर, विशाल कपूर, रिचा कपूर के साथ ही घर के बच्चों में समक्ष नारायण कपूर और नवेली कूपर को भी टीका लग चुका है। इसी तरह औसानगंज के गोलाबाग निवासी राजेश कुमार सिंह का भी पूरा परिवार टीका लगवा चुका है। बताया कि घर में सभी सात सदस्यों ने टीका लगवा लिया है।
बोले किशोर
कोरोना का टीका लगने की जानकारी जिस दिन से मिली, तभी से इस दिन का इंतजार था। ईएसआईसी हॉस्पिटल पहुंचकर मैंने भी टीका लगवा लिया है। किसी तरह की कोई
परेशानी नहीं है।-प्रगति सिंह, पहड़िया
दोस्तों को भी जागरूक करेंगे
कोविड टीकाकरण के बारे में विद्यालय से भी जानकारी मिली। खुद का टीकाकरण कराने के साथ ही दोस्तों को भी इसके लिए जागरूक करेंगे। घर में अन्य सदस्यों का भी
टीका जग चुका है।-हिमांशु, छोटा लालपुर
एक नजर में टीकाकरण का ग्राफ
15 से 17 साल वालों का लक्ष्य-3.10 लाख
टीके की पहली डोज-227292
टीके की दूसरी डोज-134110