अमर उजाला अभियान स्वास्थ्य : अन्य बीमारियों से बचाव में भी संजीवनी है कोरोना का टीका
टीका लगवाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर बने टीकाकरण केंद्रों के साथ ही विद्यालयों में भी बच्चों और उनके अभिभावकों को इस बारे में जागरूक किया जा रहा है।
विस्तार
कोरोना का टीका केवल कोरोना संक्रमण ही नहीं बल्कि अन्य बीमारियों से बचाव में भी संजीवनी की तरह है। ऐसा इसलिए कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से केवल कोविड ही नहीं बल्कि सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार होने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में टीका लगवाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
वाराणसी के अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर बने टीकाकरण केंद्रों के साथ ही विद्यालयों में भी बच्चों और उनके अभिभावकों को इस बारे में जागरूक किया जा रहा है। जिले में कोरोना टीकाकरण की शुरुआत 16 जनवरी से हुई। पहले फ्रंट लाइन वर्कर, स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगवाया गया, इसके बाद 60 साल से अधिक उम्र वाले और पहले से बीमार लोगों को टीका लगाया गया।
शुरू में टीके को लेकर व्याप्त थी भ्रांतियां
शुरू में टीके को लेकर व्याप्त भ्रांतियों की वजह से रफ्तार थोड़ी कम रही, लेकिन उसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जागरूक किया गया। वर्तमान में जिले में 5927914 लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है, जिसमें 3097141 ने पहली डोज लगवाई है जबकि 2406062 लोगों को दूसरी डोज भी लग चुकी है।
संक्रमण से बचाव के लिए टीका जरूरी
मौसम बदलते ही बुखार, सर्दी, खांसी, जुकाम या फिर अन्य संक्रमण का प्रभाव दिखने लगता है। इससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है। इससे बचाव के लिए कोरोना का टीका बहुत जरूरी है। टीका लगवाने से पहले एक बार चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए। - डॉ. सीपी गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ, मंडलीय अस्पताल
सर्टिफिकेट में है गड़बड़ी तो खुद करें दूर
कोरोना का टीका लगने के बाद सर्टिफिकेट में नाम, मोबाइल नंबर, उम्र आदि में किसी तरह की कोई गड़बड़ी है तो उसे खुद भी दूर कर सकते हैं। इसके लिए कोविन डॉट जीओवी डॉट इन को खोलने के बाद उस पर रेज ऐन इशु का ऑप्शन आएगा। टीका लगाते समय दिए गए मोबाइल नंबर को डालते ही कोरोना सर्टिफिकेट आएगा। इसके बाद जो गड़बड़ी हो उसे नियमानुसार मांगी गई जानकारियों को भरने के बाद सही किया जा सकता है।
नियमित टीकाकरण अभियान
बच्चों को कोरोना का टीका लगाए जाने के साथ ही अब नियमित टीकाकरण के लिए भी मिशन इंद्रधनुष अभियान भी चलाया जा रहा है। कोरोना टीकाकरण की वजह से नियमित टीकाकरण अभियान पर असर पड़ा, लेकिन अब इसके शुरू होने से दो साल तक के छूटे हुए बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीका लगाया जा रहा है। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि जिले में 15734 बच्चों और 3826 गर्भवती महिलाओं को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के तहत 11 तरह के टीके लगाए जा रहे हैं।
एक नजर में टीकाकरण
उम्र पहली डोज दूसरी डोज
15 से 17 साल 227435 135255
12 से 14 साल 2446 -