Varanasi: IIT-BHU को 9.5 करोड़ दान करने वाले पुरा छात्र ने कहा- मैं बेहद भाग्यशाली जो यहां आया
आईआईटी बीएचयू में आयोजित पुरा छात्र समागम में पहुंचे नैस्डेक (NASDAC) के अध्यक्ष और सीईओ रमेश श्रीनिवासन ने बीते वर्ष संस्थान को करीब 9.5 करोड़ रुपये का दान दिया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीएचयू स्थित आईआईटी में 1982 बैच के पूर्व छात्रों का जुटान हुआ है। गुरुवार से शुरू चार दिवसीय समागम में 82 बैच के विभिन्न विभागों से तकरीबन 60 पूर्व छात्र अपने जीवनसाथी के साथ पहुंचे हैं। शनिवार को पुरातन छात्रों ने शनिवार को जिमखाना मैदान में वर्तमान छात्रों के साथ क्रिकेट मैच खेला। रविवार को सभी पुरा छात्र बनारस घाटों और मंदिरों का भ्रमण करेंगे।
इस आयोजन में नैस्डेक (NASDAC) के अध्यक्ष और सीईओ रमेश श्रीनिवासन भी पहुंचे हैं। उन्होंने सितंबर 2021 में छात्र गतिविधि केंद्र (स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स) के लिए 1.3 मिलियन अमरीकी डॉलर (लगभग 9.5 करोड़ रुपये) का योगदान दिया था। आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. पीके जैन ने बताया कि रमेश श्रीनिवासन के योगदान के बाद ही इस छात्र गतिविधि केंद्र का नाम रमेश श्रीनिवासन छात्र गतिविधि केंद्र रखा गया है।
इसमें जिम, स्क्वैश कोर्ट, बैडमिंटन कोर्ट, टेबल टेनिस कोर्ट और ताईक्वांडो, बॉक्सिंग, योग और कैरम और शतरंज के लिए कमरे सहित विभिन्न गतिविधियों को शामिल किया गया है। आईआईटी बीएचयू के निदेशक ने दुनिया भर में इस संस्थान के उन सभी पूर्व छात्रों को धन्यवाद दिया जो अपनी मातृ संस्था का समर्थन करने के लिए आगे आ रहे हैं।
इसके साथ ही अन्य सभी पूर्व छात्रों से भी अनुरोध किया कि वे अपने मातृ संस्थान के समर्थन के लिए आगे आएं। प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने प्रोफेशन श्रेणी के तहत रमेश श्रीनिवासन को विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार-वर्ष 2022-23 प्रदान किया।
अपने संबोधन में रमेश श्रीनिवासन ने कहा कि आईआईटी (बीएचयू) का मेरे शुरुआती वर्षों के दौरान मेरे जीवन पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ा और मुझे एक पूर्ण इंसान बनने में मदद मिली। मैं खुद को बेहद भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे छात्र गतिविधि केंद्र में योगदान करने का मौका दिया गया है। उन्होंने संस्थान में समग्र विकास कार्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए संस्थान प्रशासन को धन्यवाद दिया।