UP Politics: अखिलेंद्र प्रताप बोले- अति पिछड़ों को यूपी के पंचायत चुनाव में मिले आरक्षण, बैठक में चर्चा
Varanasi News: ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के संस्थापक सदस्य अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अगर योगी सरकार चाहे तो आसानी से पिछड़ों को आरक्षण और शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार को सुलभ बना सकती है।
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UP Politics News: उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी पंचायत चुनाव में अति पिछड़ों को आरक्षण मिलना चाहिए। सरकार को कारपोरेट घरानों पर अतिरिक्त कर लगाना चाहिए, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार सर्वसुलभ हों। शनिवार को यह मांग ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट पार्टी की बैठक में संस्थापक अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने कही। बैठक रामकटोरा स्थित समता भवन में हुई। इसमें तीन राज्यों, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड, के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक रोजगार एवं सामाजिक अधिकार अभियान को लेकर हुई। इसमें दो प्रस्ताव रखे गए। पहला प्रस्ताव उत्तर प्रदेश के आगामी पंचायत चुनाव में अति पिछड़ों को भी आरक्षण देने और कारपोरेट घरानों पर अतिरिक्त कर लगाकर मिले धन को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार को सुलभ बनाने से संबंधित था।
बीएचयू छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री डॉ. सूबेदार सिंह ने कहा कि अति पिछड़ों का हक तभी मिलेगा जब राजनीतिक कार्यकर्ता सड़क पर लड़ने के लिए कटिबद्ध होंगे, क्योंकि देश की सरकार और सभी राजनीतिक दलों की मंशा सवालों के घेरे में है।
पूर्व एमएलसी अरविंद सिंह ने कहा कि अति पिछड़ों के हक के लिए हमें सड़क पर आंदोलन करना होगा। अन्य वक्ताओं में कुंवर सुरेश, जोखू सिद्दकी, डॉ. हर्षवर्धन, राजेश सचान और डॉ. शम्मी कुमार सिंह शामिल रहे। संचालन राष्ट्रीय उदय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू राम पाल ने किया और अध्यक्षता इंद्रजीत शर्मा ने संभाली।
जमीन की पैमाइश का विरोध, लोगों ने दिया धरना
गांधीनगर रोहितनगर में पार्क, कम्युनिटी सेंटर, सीवर ड्रेनेज, शॉपिंग कॉम्लेक्स, प्राइमरी स्कूल और बंजर भूमि की खरीद और अनुबंध के खिलाफ शनिवार को पार्क और बंजर भूमि बचाओ क्षेत्रीय नागरिक समिति ने लोगों के साथ धरना दिया। पूर्व पार्षद वरुण सिंह और पूर्व पार्षद अशोक पटेल ने कहा श्रीराम सहकारी आवास समिति लिमिटेड की ओर से कॉलोनी बनाते समय पार्क, कम्युनिटी सेंटर, सीवर ड्रेनेज, शॉपिंग कम्प्लेक्स, प्राइमरी स्कूल के लिए जमीन छोड़ी गई थी और लोगों को यही सुविधाएं दिखाकर जमीन बेची गई।
अधिवक्ता हरिशंकर मिश्रा मंचल और पार्षद प्रतिनिधि राजीव सिंह पटेल ने कहा चार दिन की पैमाइश के बाद बनी बंजर रिपोर्ट को राजस्व निरीक्षक की ओर से बदलने का प्रयास किया जा रहा है। अन्य वक्ताओं ने भी एक मत में जमीनें मुक्त होने तक आंदोलित रहने का संकल्प लिया। सिटी मजिस्ट्रेट रविशंकर सिंह, एसडीएम नितिन सिंह, तहसीलदार संत विजय सिंह, कानूनगो संतोष सिंह, राजस्व निरीक्षक ऋषि दुबे और सूरज सोनकर ने फिर से पैमाइश की।