Samar Singh: आकांक्षा दुबे के प्रशंसकों ने समर सिंह पर किया हमले का प्रयास, कोर्ट परिसर में जबरदस्त हूटिंग
अदालत में समर सिंह की पेशी की सूचना पर आकांक्षा दुबे के समर्थक अच्छी-खासी संख्या में कचहरी परिसर में पहुंच गए थे। समर को देखते ही आकांक्षा दुबे के प्रशंसकों ने जबरदस्त हूटिंग की और उस पर हमले का प्रयास भी किया।
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भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री आकांक्षा दुबे को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी समर सिंह शनिवार शाम भारी गहमागहमी के बीच अदालत में पेश किया गया। समर सिंह की पेशी की सूचना पर आकांक्षा दुबे के समर्थक अच्छी-खासी संख्या में कचहरी परिसर में पहुंच गए थे। इसके मद्देनजर कचहरी परिसर में भारी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान भी तैनात किए गए थे।
समर को देखते ही आकांक्षा दुबे के प्रशंसकों ने जबरदस्त हूटिंग की और उस पर हमले का प्रयास भी किया। हालांकि भारी संख्या में पुलिस बल तैनात होने के कारण समर पर हमला करने में किसी को भी सफलता नहीं मिली। पुलिस अपने सुरक्षित घेरे में समर सिंह की पेशी के बाद उसे वाहन में बैठाई और फिर जिला जेल ले गई।
संजय सिंह की तलाश जुटी क्राइम ब्रांच की तीन टीमें
इस बीच पत्रकारों ने आकांक्षा दुबे की मौत के संबंध में समर से सवाल पूछे, लेकिन वह सिर झुकाए हुए चुप्पी साधे रहा। वहीं, पेशी से पहले पुलिस ने समर सिंह से करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी। उधर, संजय सिंह की तलाश में सारनाथ थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच की तीन टीमों की दबिश जारी है।
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पुलिस कस्टडी रिमांड में सुलझेगी आत्महत्या की गुत्थी
पुलिस के अनुसार आकांक्षा दुबे की आत्महत्या की गुत्थी तभी सुलझेगी, जब आरोपी समर सिंह से विस्तार से पूछताछ की जाएगी। 10 अप्रैल को प्रभावी तरीके से दलीलें प्रस्तुत कर अदालत से समर को 72 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर देने का अनुरोध किया जाएगा। अब तक की पूछताछ में समर से कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी है। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही उसका डेटा भी रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है।
क्वारंटीन बैरक में रखा गया समर सिंह
जिला जेल में दाखिल किए जाने के बाद समर सिंह को क्वारंटीन बैरक में रखा गया है। जिला जेल के जेलर ने बताया कि कोरोना संक्रमण का खतरा एक बार फिर बढ़ रहा है, इसलिए एहतियातन 10 नंबर बैरक को क्वारंटीन बैरक बनाया गया है। रोजाना जो बंदी जेल में आ रहे हैं, उन्हें उसी बैरक में रखा जा रहा है। समर सिंह हमारे लिए एक सामान्य बंदी ही है। जो सुविधाएं अन्य बंदियों के लिए हैं, वही उसे भी मिलेगी।
आकांक्षा के लिए अधिवक्ता आए आगे
आकांक्षा दुबे की मां मधु दुबे की ओर से दर्ज कराया गया मुकदमा नि:शुल्क लड़ने की घोषणा अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा की गई है। शनिवार को शशांक शेखर त्रिपाठी ने बताया कि मधु दुबे की ओर से सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभु नारायण पांडेय व महामंत्री शशिकांत दुबे, अनिल पांडेय, अशोक यादव, विनय कुमार त्रिपाठी, गुड्डू चेग्वारा, सौरभ पांडेय और मिथिलेश श्रीवास्तव ने अपना वकालतनामा दाखिल किया है।