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BHU: पौने दो माह बाद बीएचयू प्रशासन ने वापस लिया फैसला, प्रो. ओमशंकर ही रहेंगे हृदय रोग विभाग में अध्यक्ष

Thu, 18 Jul 2024 10:00 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: Vikas Kumar Updated Thu, 18 Jul 2024 10:00 PM IST
सार

बीएचयू अस्पताल में सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक का चौथा तल पूरा और पांचवां तल आधा हृदय रोग विभाग को आवंटित करने की मांग को लेकर प्रो. ओमशंकर ने 11 मई से 30 मई तक विभाग में बैठकर अनशन किया था। 

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After two and a half months BHU administration took back the decision Prof. Omshankar will remain head of card
जमीन पर बैठकर मरीज देखते प्रो. ओमशंकर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आईएमएस बीएचयू के हृदय रोग विभाग में प्रो. ओमशंकर की जगह प्रो. विकास अग्रवाल को अध्यक्ष बनाने के फैसले को बीएचयू प्रशासन को आखिर वापस लेना पड़ा। पौने दो माह बाद (55 दिन बाद) 18 जुलाई को बीएचयू प्रशासन ने इसका आदेश भी जारी कर दिया। इसमें कहा गया है कि विभाग में प्रो. ओमशंकर ही अध्यक्ष रहेंगे।

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बीएचयू अस्पताल में सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक का चौथा तल पूरा और पांचवां तल आधा हृदय रोग विभाग को आवंटित करने की मांग को लेकर प्रो. ओमशंकर ने 11 मई से 30 मई तक विभाग में बैठकर अनशन किया था। खास बात यह है कि अनशन के दौरान भी प्रो. ओमशंकर ने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करने के साथ ही मरीजों को परामर्श दिया और जरूरी जांचें भी की। 

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इसके साथ ही कैथ लैब में जिन मरीजों की सर्जरी थी, उनको करने वाली टीम का विभाग में अनशन स्थल से बैठकर ही मार्गदर्शन भी किया। 24 मई को विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक आदेश जारी कर विभाग में प्रो. ओमशंकर के अनुपलब्धता का हवाला देते हुए प्रो. विकास अग्रवाल को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी थी। इस आदेश के क्रम में प्रो. ओमशंकर ने विश्वविद्यालय प्रशासन को एक पत्र लिखकर विभागाध्यक्ष पद से हटाने के आदेश को गलत बताया था। 

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साथ ही अपनी आपत्ति जताते हुए इस फैसले को वापस लेने की अपील भी की थी। अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने 18 जुलाई को एक आदेश जारी कर अपने 24 मई के आदेश को वापस ले लिया है। प्रो.ओमशंकर ने बताया कि नियमानुसार विभागाध्यक्ष पद के तीन साल का कार्यकाल 31 जुलाई को पूरा होना था। हालांकि 55 दिन तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने पद से विमुक्त रखा। ऐसे में विभागाध्यक्ष पद का कार्यकाल अब 24 सितंबर को पूरा होगा।इसकी लिखित जानकारी भी विश्वविद्यालय प्रशासन को जल्द दी जाएगी।

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