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वाराणसी: कोविड संक्रमण काल के बाद शीतला घाट पर सजी संगीत की महफिल
Fri, 15 Apr 2022 01:03 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 15 Apr 2022 01:03 AM IST
सार
कोरोना संक्रमण काल के बाद हुए आयोजन में कलाकारों ने माता से संपूर्ण जगत को महामारी से दूर रखने की कामना की।
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शीतला घाट पर सजी संगीत की महफिल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गंगा के तट पर शीतला संगीत महोत्सव में कलाकारों ने माता के चरणों में सुरों की सुरसरिता बहाई। कोरोना संक्रमण काल के बाद हुए आयोजन में कलाकारों ने माता से संपूर्ण जगत को महामारी से दूर रखने की कामना की। शृंगार संगीत महोत्सव बृहस्पतिवार की देर शाम को मां शीतला के शृंगार, बधावा, विराट आरती व गायन-वादन के साथ हुआ।
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गुरुवार को पांच दिवसीय शीतला संगीत महोत्सव की प्रथम निशा का शुभारंभ महेंद्र प्रसन्ना के शहनाई की चैती धुन से हुआ। महेंद्र ने जाइब देवी के दुअरिया हो रामा..सहित कई प्रस्तुतियां दी। बाल कलाकार प्रियांशु ने आज तेरा जगराता माता..., सौरभ श्रीवास्तव ने पारंपरिक सोहर माई पावन चरणिया में लागल लगनिया..., मेरी मैया है तू..., श्रीकृष्ण तिवारी ने जय जय शीतला महारानी..., कुछ पाने की खातिर तेरे दर पर हम भी शीश झुकाए हुए हैं...की प्रस्तुति दी।
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लोक गायिका गीतांजलि मौर्य ने शीतला मैया के अंगनवा ना..., गोदिया में दे दिया ललनवा मैया..., सनी मिश्रा ने तूने मुझे बुलाया शेरावालिया... , धीरज मिश्रा ने जय कार करो मेरी मैया आई हैं... सहित अनेक देवी गीत सुना करके अपनी हाजिरी लगाई। अन्य कलाकारों में खुशी त्रिपाठी मनोज त्रिपाठी अमलेश पांडे, आलोक नादान आशीष पाठक अमृत सहित अनेक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संयोजन गीतकार कन्हैया दुबे केडी ने किया।
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फूलों से सजाया गया माता का दरबार
शीतला माता मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
मां शीतला का दरबार विभिन्न प्रकार के फूल-पत्तियों और विद्युत झालरों से सजाया गया था। मां शीतला का पंचामृत, केसर, दही, शक्कर, गुलाब जल, गंगाजल से स्नान कराकर नूतन वस्त्र आभूषण से सजाकर गेंदा, जूही, अड़हुल बेला की माला पहना कर शृंगार किया गया। मां को स्वर्ण छत्र चढ़ाकर पं. पुरुषोत्तम पांडे व अविनाश पांडे ने षोडशोपचार विधि से पूजन किया।