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लाखों खर्च के बाद भी जांच फेल, आरोपियों ने जो बताया उसी पर मुहर

Mon, 16 Mar 2015 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी Updated Mon, 16 Mar 2015 01:38 AM IST
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After spending millions probe failed, the accused told the seal on the
चोलापुर के मरुई गांव में मिले कथित बम का सच अब सामने आ चुका है मगर इसी के साथ ही देश की उन बड़ी जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं जो ‘बम’ की जांच में जुटी थीं। एनआईए, एटीएस और भाभा एटमिक रिसर्च सेंटर (बार्क) जैसी प्रतिष्ठापरक एजेंसियों ने अपने-अपने तरीके से इसकी जांच की।
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जांच पर लाखों रुपये खर्च भी हो गए मगर एक भी जांच एजेंसी बम का सच सामने नहीं ला सकी। गिरफ्तारी के बाद इसे बनाने वालों ने पुलिस को जब बताया कि सीमेंट, बालू, छड़ डालकर डुप्लीकेट राइस पुलर बनाया है तब एजेंसियाें ने भी इसे ऐसा ही कुछ बताया। 
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चोलापुर के मरूई गांव में बीते 25 फरवरी को कथित बम मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया था। मौके पर जांच के लिए आईआईटी बीएचयू, आईटी पटना, आईबी, एटीएस, एटमी एनर्जी विभाग नई दिल्ली एवं भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (बार्क) मुंबई के वैज्ञानिक पहुंचे थे।
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कुछ बड़े वैज्ञानिक चार्टर्ड प्लेन से पहुंचे थे। सप्ताह भर तक वह यहां ठहरे। प्राथमिक जांच के बाद इस सिलेंडर को बार्क (मुंबई) भेज दिया गया था। बार्क से इसे बंगलूरू भेजा गया। यहां भी जांच का क्रम जारी था। यह तय नहीं हो सका कि सिलेंडर से रेडियेशन हो रहा है या नहीं।

इधर, क्राइम ब्रांच ने जौनपुर निवासी विनोद बरनवाल और चोलापुर के छतांव निवासी पूर्व प्रधान संतोष को गिरफ्तार कर लिया। विनोद ने पूछताछ में बताया कि उसने छह इंच की लोहे की पाइप में सीमेंट, बालू और गिट्टी का मिश्रण भरा। लोहे के टुकड़े डालने के बाद दोनों सिरों को प्लास्टिक ऑफ पेरिस से पैक कर दिया। पाइप को काॅपर पेंट से रंग दिया।


पाइप को पहले कार्बन में लपेटा और फिर उस पर सिल्वर जर्क की पन्नी लगाई। इसके बाद रबर बाइंडिंग टेप से नौ लेयर में लपेटा। इसके बाद इस पर एंटी रेडियेशन पैक लिखा। पुलिस ने इसकी जानकारी जांच कर रहे वैज्ञानिकों को दी। उन्होंने ने भी विनोद के कथन को सही माना। सप्ताह भर पूर्व वैज्ञानिकों ने पुलिस को लिखित दिया कि बेलनाकार वस्तु विस्फोटक नहीं है और उससे रेडियेशन नहीं हो रहा है। एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि जांच कर रहे वैज्ञानिकों की सहमति के बाद पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस कर घटना का खुलासा किया।
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