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Varanasi Weather: बारिश के बाद वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्रों में दिखा कोहरा, खराब फसलों को लेकर किसान चिंतित
Mon, 04 Mar 2024 11:42 AM IST
अमन विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Mon, 04 Mar 2024 11:42 AM IST
सार
Varanasi Weather: किसानों ने बताया कि बारिश से कोहड़ा, टमाटर, नेनुआ और लौकी की फसलें भी प्रभावित होंगी। इनमें फंगस लग जाने से सब्जियां खराब हो जाएंगी।
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वाराणसी के एक गांव में आज सुबह कोहरे का दृश्य।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी में शनिवार-रविवार को हुई बारिश-आंधी के बाद सोमवार को ठंड का एहसास हुआ। वहीं, ग्रामीणों इलाकों में सुबह कोहरा देखा गया। इस कारण स्थानीय लोग घरों में ही दुबके रहे। दूसरी तरफ, इस बारिश से किसानों का ज्यादा नुकसान हुआ है। खेतों में चना, अरहर और मसूर की खेती बर्बाद हो गई। इससे खेतिहर और लघु किसानों के माथे पर बल पड़ गया है।
ढाब क्षेत्र के खेतों में कहीं-कहीं खेतों में पानी लग जाने से टमाटर, कद्दू और लौकी की खेती को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि पानी लगने से फसलें खराब हो जाएंगी। किसान रामजनम बताते हैं कि ऐसी बारिश से अरहर, चले, मसूर की कलियों में बाला (एक प्रकार का कीड़ा) लग जाता है। धूप होने पर खराब कलियां सूखकर गिर जाती हैं। वह बताते हैं कि इस बारिश से आम की फसलों का फायदा होगा।
वाराणसी के ग्रामीण इलाकों में आलू की खेती कर रहे किसान बताते हैं कि इस बारिश से फसल सड़ जाने की संभावना है। एक-दो बार और बारिश हो गई तो सारी कमाई और सपने बेकार हो जाएंगे। वह बताते हैं कि इस बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान सरसों की फसलों को हुआ है। वह बताते हैं कि खेतों में काटकर रखे गए सरसों भी भींग गए हैं।
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एक-दो दिन के दौरान खेतों में गेहूं की फसलें भी लोट गई हैं। किसानों की मानें तो इस बारिश से कोहड़ा, टमाटर, नेनुआ और लौकी की फसलें भी प्रभावित होंगी। इनमें फंगस लग जाने से सब्जियां खराब हो जाएंगी।
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ढाब क्षेत्र के खेतों में कहीं-कहीं खेतों में पानी लग जाने से टमाटर, कद्दू और लौकी की खेती को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि पानी लगने से फसलें खराब हो जाएंगी। किसान रामजनम बताते हैं कि ऐसी बारिश से अरहर, चले, मसूर की कलियों में बाला (एक प्रकार का कीड़ा) लग जाता है। धूप होने पर खराब कलियां सूखकर गिर जाती हैं। वह बताते हैं कि इस बारिश से आम की फसलों का फायदा होगा।
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वाराणसी के ग्रामीण इलाकों में आलू की खेती कर रहे किसान बताते हैं कि इस बारिश से फसल सड़ जाने की संभावना है। एक-दो बार और बारिश हो गई तो सारी कमाई और सपने बेकार हो जाएंगे। वह बताते हैं कि इस बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान सरसों की फसलों को हुआ है। वह बताते हैं कि खेतों में काटकर रखे गए सरसों भी भींग गए हैं।
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एक-दो दिन के दौरान खेतों में गेहूं की फसलें भी लोट गई हैं। किसानों की मानें तो इस बारिश से कोहड़ा, टमाटर, नेनुआ और लौकी की फसलें भी प्रभावित होंगी। इनमें फंगस लग जाने से सब्जियां खराब हो जाएंगी।
बारिश से सरसों की फसल को 20 फीसदी नुकसान
बेमौसम बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रविवार को हुई बारिश और हवा से सरसों की फसल को 15 से 20 फीसदी नुकसान की संभावना है। वहीं, गेहूं और सब्जियों की फसल पर भी असर पड़ेगा। फरवरी के बाद इस माह भी तेज हवा व बारिश हुई है। इससे दलहनी व तिलहनी और सब्जियों पर ज्यादा असर पड़ा है।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एनके सिंह ने बताया कि सरसों की फसल पक चुकी है, ऐसे मौसम से नुकसान की संभावना है। दाने छोटे होने से उत्पादन में 20 फीसदी गिरावट होगी। वहीं, टमाटर, बैगन, गोभी आदि सब्जियों में कीड़े लग जाएंगे। उन्होंने बताया कि कीड़े लग रहे फसलों को बचाने के लिए मौसम साफ होने पर किसान स्ट्रेप्टो साइकीन (6 ग्राम) और कॉपरऑक्सी क्लोराइट (200 ग्राम) का 150 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ में छिड़काव कर सकते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एनके सिंह ने बताया कि सरसों की फसल पक चुकी है, ऐसे मौसम से नुकसान की संभावना है। दाने छोटे होने से उत्पादन में 20 फीसदी गिरावट होगी। वहीं, टमाटर, बैगन, गोभी आदि सब्जियों में कीड़े लग जाएंगे। उन्होंने बताया कि कीड़े लग रहे फसलों को बचाने के लिए मौसम साफ होने पर किसान स्ट्रेप्टो साइकीन (6 ग्राम) और कॉपरऑक्सी क्लोराइट (200 ग्राम) का 150 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ में छिड़काव कर सकते हैं।