Ramnagar Ki Ramleela: 103 साल बाद दिन में हुई रामलीला के पात्रों की विदाई, कोट विदाई का भव्य समारोह
काशीराज परिवार के अनंत नारायण सिंह की मौजूदगी में शनिवार को रामलीला के मुख्य स्वरूपों को किले के हाथी गेट के पास आयोजित भव्य और ऐतिहासिक समारोह में विदाई दी गई।
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चंद्रग्रहण की वजह से 103 साल बाद रामनगर की रामलीला के पात्रों का विदाई कार्यक्रम दिन में हुआ। साथ ही एक महीने से चल रहे धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक महासंगम का समापन हो गया। काशीराज परिवार के अनंत नारायण सिंह की मौजूदगी में शनिवार को रामलीला के मुख्य स्वरूपों को किले के हाथी गेट के पास आयोजित भव्य और ऐतिहासिक समारोह में विदाई दी गई। दुर्ग के कर्मचारियों ने बताया कि चंद्र ग्रहण के चलते विदाई समारोह दिन में हुआ। लीलाप्रेमियों का कहना था कि लगभग 103 साल पहले भी दिन में कोट विदाई का आयोजन हुआ था। राजपरिवार के सदस्य अनंत नारायण सिंह का रामनगर किले में आने का आमंत्रण लेकर उनके कर्मचारी बलुआघाट स्थित धर्मशाला में रामलीला के मुख्य स्वरूपों के पास पहुंचे। इसके बाद पूर्वाह्न सवा नौ बजे हाथी पर सवार होकर रामलीला के मुख्य पात्र किले के अंदर हाथी गेट पर पहुंचे, जहां राजपरिवार ने उनकी अगवानी की। सबका आतिथ्य, सत्कार किया। उनके पांव पखारे और फिर आसन पर बिठाकर भोजन परोसा। इसके बाद हाथी पर सवार होकर मुख्य पात्र अयोध्या रामलीला मैदान के लिए चल दिए। दोपहर 12 बजे अयोध्या रामलीला मैदान पहुंचने पर रामायणियों ने उत्तरकांड के शेष बचे 40 दोहों का गायन किया। दोपहर एक बजे मुख्य पात्रों की आरती के साथ रामलीला के संपूर्ण कार्यक्रमों का औपचारिक समापन हो गया।
चांदपुर रामलीला की हुई शुरुआत
श्री रामलीला समिति चांदपुर की रामलीला शनिवार को शुरू हुई। हालांकि सूतक के कारण रावण जन्म के बाद लीला को विश्राम दिया गया। पहले दिन मंच का पूजन किया गया। मंच पूजा में समिति के महामंत्री आरडी यादव पूर्व प्रधान चांदपुर, गोपाल सोनकर, विनोद राय, अनिल पटेल, विजय यादव आदि मौजूद रहे।