पत्नी से चल रहा मुकदमा खत्म कराने के लिए दी थी अधिवक्ता को धमकी, वाराणसी पुलिस ने किया गिरफ्तार
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में पत्नी से चल रहे घरेलू हिंसा के मुकदमे को खत्म कराने में मदद न करने पर उसके अधिवक्ता को पति ने जान से मारने की धमकी दी थी। बुधवार को पांडेयपुर पंचक्रोशी रोड निवासी देवांश पांडेय को गिरफ्तार कर कैंट थाने की पुलिस ने यह खुलासा किया। देवांश को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
दीवानी कचहरी के अधिवक्ता शशिकांत दूबे को 15 मार्च को गोली मारने की धमकी संबंधी एक चिट्ठी मिली थी। इसे लेकर अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताते हुए आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की थी। प्रभारी निरीक्षक कैंट राकेश कुमार सिंह ने बताया कि अधिवक्ता की तहरीर के आधार पर तफ्तीश शुरू कर सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से कचहरी में टाइपिस्ट का काम करने वाले देवांश को चिह्नित कर गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में देवांश ने बताया कि उसका विवाह वर्ष 2016 में हुआ था। अगस्त 2020 में उसकी पत्नी मायके चली गई और उसके खिलाफ घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराई। उसकी पत्नी की ओर से मुकदमे की पैरवी अधिवक्ता शशिकांत दूबे करते हैं। उनसे वह कई बार कहा कि मुकदमा खत्म करा दें ताकि उसकी पत्नी उसके साथ रहे।
अधिवक्ता ने जब उसकी बात नहीं सुनी तो उन्हें डराने के लिए उसने उनकी चौकी पर धमकी भरी चिट्ठी रखी थी। उधर, पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैया लाल पटेल ने एसएसपी अमित पाठक और कैंट थाने की पुलिस की कार्यशैली की सराहना करते हुए आभार जताया।