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कम मेरिट पर ले रहे थे दाखिला, तीन पकड़े गए
अमर उजाला ब्यूराो
Updated Thu, 16 Jul 2015 02:07 AM IST
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वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में स्नातक प्रथम वर्ष में काउंसलिंग के पहले दिन बड़ी चूक सामने आई। यहां कम मेरिट होने के बावजूद काउंसलिंग कराने पहुंचे बीएफए के तीन छात्र पकड़े गए। फीस का टोकन दिए जाने से पहले ही यह गड़बड़ी पकड़ में आ गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीनों को काउंसलिंग से बाहर करने के साथ ही अभ्यर्थियों की मेरिट की जांच करने वाले कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
परिसर के समाज विज्ञान संकाय में चल रही काउंसलिंग के पहले दिन बीएफए, बीम्यूज, एमएफए और एमम्यूज सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। पहले ही दिन इस वर्ग की सभी सीटें भर गईं। सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक चली काउंसलिंग के लिए संकाय गेट पर अभ्यर्थियों की भीड़ उमड़ी रही। बीएफए सामान्य वर्ग में 155 से 119 और महिला वर्ग में 118-111 अंक पाने वालों को बुलाया गया था। संकाय में भूतल से रैंक के अनुसार अभ्यर्थियों को प्रथम तल पर प्रमाण पत्र सत्यापन, दाखिले के लिए
भेजा जा रहा था। 12 बजे बीएफए प्रवेश परीक्षा में 122 अंक पाने वालों को प्रथम तल पर भेजा गया। वहां जांच में पता चला कि तीन ऐसे अभ्यर्थी भी काउंसलिंग के लिए पहुंच गए हैं, जिनके 114 अंक हैं और उन्हें पहले दिन की काउंसलिंग में बुलाया भी नहीं गया था। ऑनलाइन जांच में तीनों की कम मेरिट का पता चलते ही उन्हें काउंसलिंग से बाहर कर दिया गया।
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ऑनलाइन व्यवस्था होने की वजह से गड़बड़ी पकड़ी गई और उन्हें तत्काल बाहर कर दिया गया। भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए काउंसलिंग में लगे कर्मचारियों को सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है। -प्रो. केपी जायसवाल, समन्वयक
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परिसर के समाज विज्ञान संकाय में चल रही काउंसलिंग के पहले दिन बीएफए, बीम्यूज, एमएफए और एमम्यूज सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। पहले ही दिन इस वर्ग की सभी सीटें भर गईं। सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक चली काउंसलिंग के लिए संकाय गेट पर अभ्यर्थियों की भीड़ उमड़ी रही। बीएफए सामान्य वर्ग में 155 से 119 और महिला वर्ग में 118-111 अंक पाने वालों को बुलाया गया था। संकाय में भूतल से रैंक के अनुसार अभ्यर्थियों को प्रथम तल पर प्रमाण पत्र सत्यापन, दाखिले के लिए
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भेजा जा रहा था। 12 बजे बीएफए प्रवेश परीक्षा में 122 अंक पाने वालों को प्रथम तल पर भेजा गया। वहां जांच में पता चला कि तीन ऐसे अभ्यर्थी भी काउंसलिंग के लिए पहुंच गए हैं, जिनके 114 अंक हैं और उन्हें पहले दिन की काउंसलिंग में बुलाया भी नहीं गया था। ऑनलाइन जांच में तीनों की कम मेरिट का पता चलते ही उन्हें काउंसलिंग से बाहर कर दिया गया।
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ऑनलाइन व्यवस्था होने की वजह से गड़बड़ी पकड़ी गई और उन्हें तत्काल बाहर कर दिया गया। भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए काउंसलिंग में लगे कर्मचारियों को सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है। -प्रो. केपी जायसवाल, समन्वयक