यूपी: यूरिया-खाद की किल्लत पर एक्शन, डीएम के फरमान का पालन नहीं तो होगी कार्रवाई
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वाराणसी में भारी मात्रा में किसानों को यूरिया-खाद की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इसको देखते हुए बुधवार को जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कैंप कार्यालय पर सहकारिता एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर एक बड़ा फैसला लिया है।
इसके तहत अब सहकारी समितियों में उर्वरक केंद्र एवं निजी बिक्री केंद्र बंद पाए जाने पर सिर्फ दुकानदारों के साथ ही नहीं बल्कि उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी, जिन्हें इसकी निगरानी के लिए तैनात किया जाएगा। कालाबजारी की शिकायतों के मामले में जिला कृषि अधिकारी एवं एआर कोऑपरेटिव को कारण बताओ नोटिस जारी करने का दिया निर्देश।
जिलाधिकारी को किसानों की ओर से यूरिया के संबंध में कई तरह की शिकायतें मिली थीं। इनका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी एवं एआर कोऑपरेटिव से उन उपायों के बारे में पूछा जो, किसानों को यूरिया की कमी न होने के लिए किए गए थे।
सहकारी समितियों के समय पर न खुलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि 33 समिति पर अतिरिक्त कर्मचारी लगाकर इसको खोलें। यदि जांच के समय कोई भी समिति बंद पाई जाती है तो संबंधित एडीओ (कोऑपरेटिव) एवं एडीसीओ की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी समितियों पर रोस्टरवार सूची चस्पा करते हुए यहां पर लेखपालों की ड्यूटी लगाई जाए।
उन्होंने कहा कि यदि जनपद में यूरिया की कालाबाजारी, अधिक मूल्य पर बिक्री या सोसायटी बंद होने की शिकायत पाई जाती है तो कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को किलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी द्वारा बताया गया कि पिछले दिनों अधिकारियों की टीम गठित कर जांच कराई गई थी।
इसमें 21 लाइसेंसी कई खामियों के साथ दोषी पाए गए थे। जिसमें से चार का लाइसेंस निरस्त किया गया और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।