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चोलापुर की बदामा देवी चलाएंगी द ऑरेंज कैफे
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वाराणसी। दुर्गाकुंड इलाके में एसिड पीडि़ताओं को समर्पित खुल रहे रेस्टोरेंट को चोलापुर क्षेत्र की एसिड अटैक पीडि़ता बदामा देवी चलाएंगी। इस रेस्टोरेंट की मालकिन बदामा देवी के साथ जौनपुर, रायबरेली और बरेली की चार एसिड अटैक पीडि़ताएं होंगी। रेस्टोरेंट की जितनी भी आमदनी होगी, चारों आपस में बांट लेंगी। यहां अन्य पीडि़ताओं को भी रोजगार दिया जाएगा। टुडे फाउंडेशन और एक्शन एड संस्था के सहयोग से मानस मंदिर के ठीक सामने द ओरेंज कैफे के नाम से खुल रहे इस रेस्टोरेंट का उद्धाटन 20 जनवरी को होगा। रेड ब्रिगेड संस्था चलाने वाले सेवापुरी ब्लाक के मनकइयां गांव निवासी अजय पटेल ने एसिड अटैक पीडि़ताओं के लिए रेस्टोरेंट खोला और उसे पीडि़ताओं को समर्पित किया है। रेड ब्रिगेड की ओर से उद्धाटन के लिए छपाक की अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और एसिड अटैक पीडि़ता लक्ष्मी अग्रवाल को न्यौता भेजा गया है।
आठ साल पहले जमीन विवाद में पट्टीदारों ने उड़ेला था एसिड
चोलापुर क्षेत्र के गोपपुर की बादामा देवी ने बताया कि तकरीबन आठ साल पहले जमीन विवाद में पट्टीदारों ने उन पर सारनाथ क्षेत्र में एसिड उड़ेल दिया था। इसमें उनकी बायीं आंख की रोशनी चली गई और दायीं आंख से बहुत कम दिखता है। इससे पहले जमीन विवाद को ही लेकर उनके भाई की हत्या कर दी गई थी और पति आज तक लापता हैं। आज भी असहनीय कष्ट होता है और बड़ी ही मुश्किल से जिंदगी बची है। अजय पटेल ने उम्मीद की किरण दिखाई है और अब स्वावलंबी बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
रेड ब्रिगेड के संस्थापक अजय पटेल और नगमे एरम खान ने बताया कि इस रेस्टोरेंट में एसिड अटैक पीडि़ता शेफ के तौर नहीं होगी, क्योंकि आग के पास रहने में उन्हें तकलीफ होती है। इसलिए पीडि़ताएं मैनेजर, खाना परोसने, सफाई व्यवस्था देखने से लेकर अन्य जिम्मेदारी संभालेंगी। चोलापुर की बादामा देवी, जौनपुर से रेखा, रायबरेली से विमला और बरेली से सोमवती को शामिल किया गया है। यही इस कैफे की मालकिन भी रहेंगी। रेस्टोरेंट में एसिड पीडि़ताओं का परिधान भी नारंगी रंग का होगा। क्योंकि, नारंगी रंग महिला हिंसा के विरुद्ध साहस का प्रतीक होता है।
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आठ साल पहले जमीन विवाद में पट्टीदारों ने उड़ेला था एसिड
चोलापुर क्षेत्र के गोपपुर की बादामा देवी ने बताया कि तकरीबन आठ साल पहले जमीन विवाद में पट्टीदारों ने उन पर सारनाथ क्षेत्र में एसिड उड़ेल दिया था। इसमें उनकी बायीं आंख की रोशनी चली गई और दायीं आंख से बहुत कम दिखता है। इससे पहले जमीन विवाद को ही लेकर उनके भाई की हत्या कर दी गई थी और पति आज तक लापता हैं। आज भी असहनीय कष्ट होता है और बड़ी ही मुश्किल से जिंदगी बची है। अजय पटेल ने उम्मीद की किरण दिखाई है और अब स्वावलंबी बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
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रेड ब्रिगेड के संस्थापक अजय पटेल और नगमे एरम खान ने बताया कि इस रेस्टोरेंट में एसिड अटैक पीडि़ता शेफ के तौर नहीं होगी, क्योंकि आग के पास रहने में उन्हें तकलीफ होती है। इसलिए पीडि़ताएं मैनेजर, खाना परोसने, सफाई व्यवस्था देखने से लेकर अन्य जिम्मेदारी संभालेंगी। चोलापुर की बादामा देवी, जौनपुर से रेखा, रायबरेली से विमला और बरेली से सोमवती को शामिल किया गया है। यही इस कैफे की मालकिन भी रहेंगी। रेस्टोरेंट में एसिड पीडि़ताओं का परिधान भी नारंगी रंग का होगा। क्योंकि, नारंगी रंग महिला हिंसा के विरुद्ध साहस का प्रतीक होता है।
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