फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Acharya Mithilashanandini spoke in BHU Whatever we say we should put it into practice in our conduct

BHU: काशी में बोले आचार्य मिथिलेशनंदिनी- हम जो कहें, उसे अपने आचरण में चरितार्थ करें

Tue, 12 Aug 2025 06:00 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Tue, 12 Aug 2025 06:00 AM IST
सार

भारत अध्ययन केंद्र में बुदि्धजीवियों का जुटान हुआ। इसमें सनातन धर्म से जुड़ी चीजों को सहेजने को लेकर गहनता से विमर्श हुआ। इस दाैरान कुलपति ने कहा कि अब यह होना चाहिए कि हम हमेशा भारत और राष्ट्र की बात करें।

विज्ञापन
Acharya Mithilashanandini spoke in BHU Whatever we say we should put it into practice in our conduct
संग्रहालय के उद्घाटन अवसर पर अतिथिगण। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Varanasi News: बीएचयू के भारत अध्ययन केंद्र में वैदिक यज्ञ-पात्र संग्रहालय का उद्घाटन सोमवार को हुआ। इसमें वैदिक काल के यंत्रों और बर्तनों को सहेज कर रखा गया है। इस दौरान केंद्र में धर्मः जीवन में सनातन राग विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भी शुभारंभ हुआ। 

विज्ञापन


मुख्य अतिथि अयोध्या के आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा कि हम जो कहते हैं, उसे अपने आचरण में चरितार्थ करें। यही सच्चा धर्म है। इसके पालन में आचरण की ईमानदारी सर्वोपरि है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि संघात (संयोजन) से विघात (विघटन) तक की अवधि को जीवन कहते हैं, जिसे देश और काल में नापा जाता है। उस जीवन को अनुधातन और पुरातन के भेद से पहचानते हैं। श्रीविद्यानिवास मिश्र जन्मशताब्दी वर्ष पर हो रहे इस कार्यक्रम में कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यहां के समारोहों में हर कोने से शिक्षक और छात्र बुलाए जाएं। जो भी कार्यक्रम यहां हों उनमें मालवीय जी के आदर्शों का ध्यान रखा जाए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हम हमेशा भारत और राष्ट्र की बात करें। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी भाषा ज्ञान प्राप्ति की राह में बाधक नहीं हो सकती। हर चीज अलौकिक होती। उस पर वाद-विवाद और तर्क-वितर्क होते रहना चाहिए। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विवि के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्र ने कहा कि धर्म का भौतिक दुनिया से कोई विरोध नहीं है।

शोध संस्थानों से निकलकर आए प्रतिभागी
भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली के सदस्य सचिव प्रो. सच्चिदानंद मिश्र ने कहा कि कई विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों से आए प्रतिभागी अपने शोधपत्र और विचार साझा करेंगे। इनमें धर्म और आधुनिक जीवन के बीच के संबंध, सांप्रदायिक सौहार्द, सांस्कृतिक संरक्षण और धार्मिक दर्शन के वैश्विक संदर्भ शामिल होंगे। इस दौरान केंद्र के समन्वयक प्रो. सदाशिव कुमार द्विवेदी, प्रो. रामसुधार सिंह, विद्याश्री न्यास के सचिव डॉ. दयानिधि मिश्र और प्रो. केके त्रिपाठी आदि मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed