काम की बात : फाल्गुन में महाशिवरात्रि, रंगभरी एकादशी समेत 17 व्रत और त्योहार; जानें कब मनेगी होली
फाल्गुन में हिन्दू धर्म के कई त्योहार शामिल हैं। इस बार इस माह में 17 त्योहार और व्रत पड़ेंगे। फाल्गुन मास की सप्तमी तिथि में एक दिन की वृद्धि से कृष्णपक्ष 16 दिन का होगा।
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हिंदू पंचांग के अंतिम महीने फाल्गुन की शुरुआत हो गई है। भगवान शिव को समर्पित इस मास में महाशिवरात्रि और काशी में रंगभरी एकादशी पर बाबा की आराधना होगी। साथ ही होली का रंग बिखरेगा।
इस मास में 17 विभिन्न व्रत, त्योहार और दिवस पड़ेंगे। फाल्गुन मास कृष्णपक्ष की सप्तमी तिथि में एक दिन की वृद्धि होने से यह दो दिन की होगी। यानी 19 और 20 को एक ही तिथि रहेगी।
इस महीने की पूर्णिमा को फाल्गुनी नक्षत्र होने के कारण इसका नाम फाल्गुन है। इस मास में 26 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। इससे पहले 24 फरवरी से रंगभरी एकादशी के उत्सव की शुरुआत हो जाएगी।
14 मार्च को होली का पर्व मनाया जाएगा। आचार्य प्रत्युष कृष्ण शास्त्री ने बताया कि फागुन मास की सप्तमी तिथि में एक दिन की वृद्धि से कृष्णपक्ष 16 दिन का होगा।
14 मार्च से लग जाएगा मांगलिक कार्यों पर विराम
14 मार्च को सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ मांगलिक कार्य पर विराम लग जाएंगे। शादी, मुंडन आदि कार्य पर रोक लग जाएगी और खरमास शुरू हो जाएगा। एक महीने बाद 14 अप्रैल को खरमास खत्म होगा।
होलिका दहन से हो जाएगा साल का समापन
भारतीय ज्योतिष सिद्धांत में चंद्र सिद्धांत का विशेष महत्व है। इस हिसाब से फाल्गुन मास की पूर्णिमा साल की अंतिम होगी। होलिका दहन होने से नया संवत्सर लग जाता है, लेकिन नए संवत्सर की शुरुआत चैत्र मास शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से मान्य होती है। साथ ही विक्रम संवत 2082 शुरू हो जाएगा।
फाल्गुन मास में ये होंगे व्रत और दिवस
16 फरवरी को संकष्टी चतुर्थी, 24 को विजया एकादशी, 25 को भौम प्रदोष व्रत, 26 को महाशिवरात्रि पर्व, 27 को फाल्गुन अमावस्या, तीन मार्च को विनायकी चतुर्थी, सात-14 मार्च तक होलाष्टक, आठ को महिला दिवस, 10 को रंगभरी एकादशी, 11 को भौम प्रदोष व्रत व खाटू श्याम का मेला, 13 को होलिका दहन और होली 14 मार्च को मनाई जाएगी। इसी दिन पूर्णिमा रहेगी।