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छुट्टा पशु बने आफत, चिरईगांव और चोलापुर के किसान ज्यादा परेशान
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वाराणसी। जिले में छुट्टा पशुओं के धरपकड़ अभियान के बावजूद कई इलाकों में किसानों को राहत नहीं मिल पा रही है। चिरईगांव के अमौली, छितौनी, भगतुआ सहित चोलापुर के कई गांव के किसानों की ओर से लगातार शिकायत आ रही है। किसानों का कहना है कि रात में झुंड में पशु आकर गेहूं और सब्जियों की फसलों को बर्बाद कर दे रहे हैं।
छुट्टा पशुओं के धर पकड़ के लिए बीते नौ फरवरी को विकास भवन में कंट्रोल रूम बनाया गया। इसके लिए 8765957939 मोबाइल नंबर पर 24 घंटे फोन कर शिकायत की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। बावजूद इसके किसानों को राहत नहीं मिल रही है। पशुपालन विभाग वाराणसी मंडल के अपर निदेशक डॉ. बीपी पाठक ने बताया कि बीते तीन दिनों में करीब दो सौ शिकायतों में पशुपालन विभाग ने 68 छुट्टा पशुओं को नगर निगम की मदद से गो आश्रय में भेजा जा चुका है। चिरईगांव और चोलापुर से भी कई किसानों की शिकायत मिली है। नगर निगम से गाड़ी की उपलब्धता होने पर कार्रवाई की जाएगी।
छितौनी के किसान विनय सिंह, अमौली के चंद्रशेखर सिंह, शिवकुमार बेचन मौर्य का कहना है कि दिन भर निगरानी के बाद रात फसलों को बर्बाद होने बचा पाना मुश्किल हो गया है। नौ फरवरी को कंट्रोल रुम में फोन किया गया लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डा. अजय प्रताप सिंह ने बताया कि शहर क्षेत्र के लिए कंट्रोल रूम से जो भी शिकायतें आती हैं उनका निस्तारण कराया जाता है। इसके अलावा गाड़ी की डिमांड करने पर खाली होने पर ही मुहैया कराई जाती है।
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छुट्टा पशुओं के धर पकड़ के लिए बीते नौ फरवरी को विकास भवन में कंट्रोल रूम बनाया गया। इसके लिए 8765957939 मोबाइल नंबर पर 24 घंटे फोन कर शिकायत की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। बावजूद इसके किसानों को राहत नहीं मिल रही है। पशुपालन विभाग वाराणसी मंडल के अपर निदेशक डॉ. बीपी पाठक ने बताया कि बीते तीन दिनों में करीब दो सौ शिकायतों में पशुपालन विभाग ने 68 छुट्टा पशुओं को नगर निगम की मदद से गो आश्रय में भेजा जा चुका है। चिरईगांव और चोलापुर से भी कई किसानों की शिकायत मिली है। नगर निगम से गाड़ी की उपलब्धता होने पर कार्रवाई की जाएगी।
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छितौनी के किसान विनय सिंह, अमौली के चंद्रशेखर सिंह, शिवकुमार बेचन मौर्य का कहना है कि दिन भर निगरानी के बाद रात फसलों को बर्बाद होने बचा पाना मुश्किल हो गया है। नौ फरवरी को कंट्रोल रुम में फोन किया गया लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डा. अजय प्रताप सिंह ने बताया कि शहर क्षेत्र के लिए कंट्रोल रूम से जो भी शिकायतें आती हैं उनका निस्तारण कराया जाता है। इसके अलावा गाड़ी की डिमांड करने पर खाली होने पर ही मुहैया कराई जाती है।
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