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क्रिकेट के विवाद में युवक की ईंट से वार कर हत्या
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वाराणसी। मंडुवाडीह थाना स्थित महेशपुर में दो दिन पूर्व हुए क्रिकेट के विवाद में शुक्रवार शाम लगभग छह बजे एक युवक की ईंट से वार कर हत्या कर दी गई। मारपीट और पत्थरबाजी में दस लोग घायल हो गए। डीसीपी काशी जोन, एडीसीपी विकासचंद्र त्रिपाठी और एसीपी भेलूपुर ने जांच पड़ताल की। मंडुवाडीह थाने की पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई।
लोहता थाना अंतर्गत भिटारी और मंडुवाडीह थाना अंतर्गत महेशपुर के रहने वाले कुछ युवकों का बुधवार को महेशपुर स्थित खाली पड़े प्लाट पर क्रिकेट खेलने के दौरान विवाद हो गया था। उस दौरान दोनों पक्षों ने एक दूसरे को देख लेने की धमकी दी थी। शाम पांच बजे के समय दोनों पक्ष महेशपुर में उसी जगह पर आमने-सामने हो गए और मारपीट हो गई। दोनों तरफ से ईंट और पत्थर चले। आरोप है कि एकपक्ष ने ईंट से महेशपुर निवासी आकाश शर्मा (22) के सिर पर वार कर दिया। आकाश को बचाने में दोस्त अभिजीत यादव भी घायल हो गया। एक युवक ने डायल-112 को सूचना दी तो पीआरवी को पहुंचने में समय लग गया। उधर, आकाश को लेकर परिजन भिखारीपुर स्थित निजी चिकित्सालय पहुंचे तो मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद मंडुवाडीह पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया। लोगों ने बताया कि घटना के लगभग एक घंटे के बाद मंडुवाडीह पुलिस डीसीपी काशी जोन अमित कुमार, एडीसीपी विकासचंद्र त्रिपाठी, भेलूपुर एसीपी चक्रपाणि त्रिपाठी फोर्स के के साथ पहुंचे। आरोपी पक्ष से अभिषेक पटेल, फूलचंद्र पटेल, विनोद कुमार, शिवमंगल और तीन अज्ञात घायल है। जबकि आकाश पक्ष से अभिजीत यादव सहित तीन लोग घायल हैं।
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एकलौता बेटा था आकाश
महेशपुर में आकाश की हुई हत्या से पिता टीकाराम शर्मा बेसुध रहे। एक मात्र बेटा ही सहारा था। क्योंकि मां और बहन की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। ट्यूशन और कोचिंग पढ़ाने वाले टीकाराम ने बिलखते हुए बताया कि स्नातक पास और प्रतियोगिता की तैयारी करने वाले मेरे बेटे आकाश की किसी से क्या दुश्मनी थी, उसकी हत्या क्यों की गई। वहीं घटना को लेकर ग्रामीणों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर भारी नाराजगी रही। पड़ोसियों ने कहा कि समय से यदि पुलिस पहुंच गई तो मारपीट की घटना नहीं होती और आज आकाश भी जीवित रहता।
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पुलिस पर उठाए सवाल
मंडुवाडीह पुलिस अभी कंदवा के प्रजापति बस्ती में 25 मई को शिक्षिका की हुई हत्या की जांच में जुटी ही थी कि तीन दिन बाद छात्र आकाश की हत्या ने पुलिस को एक बार फिर सवालों के कठघरे में खड़ा कर दिया। दोनों घटनास्थल पर पुलिस की लापरवाही सामने आई थी, यहां भी पुलिस देर से पहुंची और कंदवा में भी पुलिस लोकेशन ही लेते रह गई थी। पुलिस की इस लचर कार्यशैली को लेकर लोगों में बेहद नाराजगी है।
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लोहता थाना अंतर्गत भिटारी और मंडुवाडीह थाना अंतर्गत महेशपुर के रहने वाले कुछ युवकों का बुधवार को महेशपुर स्थित खाली पड़े प्लाट पर क्रिकेट खेलने के दौरान विवाद हो गया था। उस दौरान दोनों पक्षों ने एक दूसरे को देख लेने की धमकी दी थी। शाम पांच बजे के समय दोनों पक्ष महेशपुर में उसी जगह पर आमने-सामने हो गए और मारपीट हो गई। दोनों तरफ से ईंट और पत्थर चले। आरोप है कि एकपक्ष ने ईंट से महेशपुर निवासी आकाश शर्मा (22) के सिर पर वार कर दिया। आकाश को बचाने में दोस्त अभिजीत यादव भी घायल हो गया। एक युवक ने डायल-112 को सूचना दी तो पीआरवी को पहुंचने में समय लग गया। उधर, आकाश को लेकर परिजन भिखारीपुर स्थित निजी चिकित्सालय पहुंचे तो मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद मंडुवाडीह पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया। लोगों ने बताया कि घटना के लगभग एक घंटे के बाद मंडुवाडीह पुलिस डीसीपी काशी जोन अमित कुमार, एडीसीपी विकासचंद्र त्रिपाठी, भेलूपुर एसीपी चक्रपाणि त्रिपाठी फोर्स के के साथ पहुंचे। आरोपी पक्ष से अभिषेक पटेल, फूलचंद्र पटेल, विनोद कुमार, शिवमंगल और तीन अज्ञात घायल है। जबकि आकाश पक्ष से अभिजीत यादव सहित तीन लोग घायल हैं।
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एकलौता बेटा था आकाश
महेशपुर में आकाश की हुई हत्या से पिता टीकाराम शर्मा बेसुध रहे। एक मात्र बेटा ही सहारा था। क्योंकि मां और बहन की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। ट्यूशन और कोचिंग पढ़ाने वाले टीकाराम ने बिलखते हुए बताया कि स्नातक पास और प्रतियोगिता की तैयारी करने वाले मेरे बेटे आकाश की किसी से क्या दुश्मनी थी, उसकी हत्या क्यों की गई। वहीं घटना को लेकर ग्रामीणों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर भारी नाराजगी रही। पड़ोसियों ने कहा कि समय से यदि पुलिस पहुंच गई तो मारपीट की घटना नहीं होती और आज आकाश भी जीवित रहता।
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पुलिस पर उठाए सवाल
मंडुवाडीह पुलिस अभी कंदवा के प्रजापति बस्ती में 25 मई को शिक्षिका की हुई हत्या की जांच में जुटी ही थी कि तीन दिन बाद छात्र आकाश की हत्या ने पुलिस को एक बार फिर सवालों के कठघरे में खड़ा कर दिया। दोनों घटनास्थल पर पुलिस की लापरवाही सामने आई थी, यहां भी पुलिस देर से पहुंची और कंदवा में भी पुलिस लोकेशन ही लेते रह गई थी। पुलिस की इस लचर कार्यशैली को लेकर लोगों में बेहद नाराजगी है।