फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   A female street dog named Jaya from Varanasi is set to leave India

Twist of Fate : वाराणसी की सड़कों पर आवारा घूमने वाली 'जया' अब जाएगी नीदरलैंड, नई मालकिन को हो गया है प्यार!

Fri, 27 Oct 2023 02:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 27 Oct 2023 02:08 AM IST
सार

किस्मत का कुछ ऐसा ही फेर हुआ है वाराणसी में जया नाम की एक कुतिया के साथ। नीदरलैंड की एक महिला को वाराणसी की सड़कों पर आवारा घूमने वाली 'जया' इतनी पसंद आ गई कि वह उसे अपने साथ ले जाना चाहती है। वाकायदा पासपोर्ट और वीजा के साथ। 

विज्ञापन
A female street dog named Jaya from Varanasi is set to leave India
नई मालकिन के साथ जया... - फोटो : Ani

विस्तार

किस्मत किसी की भी बदल सकती है। इनसान हो या जानवर। किस्मत का कुछ ऐसा ही फेर हुआ है वाराणसी में जया नाम की एक कुतिया के साथ। नीदरलैंड की एक महिला को वाराणसी की सड़कों पर आवारा घूमने वाली 'जया' इतनी पसंद आ गई कि वह उसे अपने साथ ले जाना चाहती है। वाकायदा पासपोर्ट और वीजा के साथ। 

विज्ञापन
जया की नई मालकिन नीदरलैंड की है। नाम है मेराल बोंटेनबेल है। मेराल बताती है- मैं एम्स्टर्डम, नीदरलैंड से हूं। मैं यहां यात्रा करने और शहर में घूमने आई थी। जब मैं इधर-उधर घूम रही  थी...जया हमारे पास आई। वह बहुत प्यारी है। वह हमसे घुलना-मिलना चाहती थी। इसके बाद वह हमारे साथ चलने लगी। तभी एक कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। तब एक गार्ड ने उसे बचाया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मेराल कहती है कि पहले जया को गोद लेने का कोई इरादा नहीं था। मैं बस यही चाहती थी कि वह सड़कों पर आवारा न फिरे। मगर अब मैं खुश हूं। उसे ले जाने के लिए एक लंबी प्रक्रिया है। इसके लिए मुझे छह महीने इंतजार करना पड़ेगा। मैं हमेशा से एक कुत्ता पालना चाहती थी। मगर अब मुझे जया से प्यार हो गया है। 

मिर्जापुर : एसी फर्स्ट क्लास में बेटिकट जा रहा था कुत्ता, टीटी ने बनाया टिकट

महाबोधि एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास में बिना टिकट बनवाए कुत्ते के साथ सफर कर रहे यात्री को पीडीडीयू जंक्शन में टीटी ने जांच के दौरान पकड़ लिया। इसके बाद कुत्ते का टिकट बनवाया गया। फिर उसे आगे की यात्रा की अनुमति दी गई।

दरअसल, रेलवे में ट्रेन में कुत्ते के साथ सफर करने के लिए नियम कानून हैं। कुत्ते का भी टिकट बनवाना पड़ता है। ट्रेन की एसी फर्स्ट क्लास में पूरा केबिन बुक होने पर ही कुत्ते के साथ सफर किया जा सकता है। स्लीपर या जनरल या एसी सेकेंड क्लास में कुत्ते के साथ सफर की किसी को अनुमति नहीं है।

कुत्ते का टिकट बना भी है तो भी उसे स्लीपर या जनरल या एसी सेकेंड क्लास में सफर के दौरान यात्री अपने साथ नहीं रख सकते। यात्रा के दौरान कुत्ते को गार्ड को देना होगा, जो उसे पिंजरे में रखेगा। सिर्फ एसी फर्स्ट क्लास में टिकट बनवाकर कुत्ते के साथ सफर किया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed