{"_id":"58f334974f1c1b197447066a","slug":"a-chinese-company-eco-green-handle-the-waste-managment-of-varanasi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वाराणसी की सड़कों से कूड़ा उठायेगी चीन की कंपनी, वो भी बिना खर्चे के ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसी की सड़कों से कूड़ा उठायेगी चीन की कंपनी, वो भी बिना खर्चे के
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 16 Apr 2017 08:16 PM IST
विज्ञापन
वाराणसी में कूड़ा प्रबंधन का जिम्मा संभालेगी इको ग्रीन
- फोटो : file
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समुचित कूड़ा प्रबंधन न होने से बदहाल पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। वाराणसी के कूड़ा निस्तारण का जिम्मा अब चीन की इको ग्रीन संस्था संभालेगी। अगले छह महीने के अंदर संस्था काम शुरू कर देगी। यह संस्था अपने खर्चे से डोर टू डोर कूड़ा उठान करेगी।
प्लांट लगाकर कूड़े से बिजली बनाएगी। इसके बदले सरकार उसे सिर्फ जमीन उपलब्ध कराएगी। कूड़ा प्रबंधन के लिए करसड़ा प्लांट को भी अपग्रेड किया जाएगा। यह जानकारी शनिवार को यहां प्रदेश के संसदीय, नगर विकास, शहरी समग्र विकास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री सुरेश खन्ना ने दी।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि इको ग्रीन ने शहर का सर्वे शुरू कर दिया है। कूड़ा प्रबंधन के अलावा अतिक्रमण और पार्किंग शहर की बड़ी समस्या है। इनके समाधान के लिए जनता का सहयोग बेहद जरूरी है। बताया कि जिले में नई गोशाला बनने जा रही है।
विज्ञापन
सड़कों पर घूमने वाले छुट्टा पशुओं को भी यहां रखा जाएगा। इसके लिए सरकार पर्याप्त बजट देगी। दूषित जलापूर्ति की शिकायतों पर कहा कि कई इलाकों में सीवर और पेयजल की पाइप लाइन एक साथ गुजरी है। पाइप लीक होने से कई स्थानों पर दूषित जलापूर्ति की शिकायतें उन्हें मिली हैं।
अफसरों को निर्देश दिया है कि दोनों लाइनें जहां एक साथ गुजरी हैं, वहां से पेयजल की पाइप लाइन अलग करने का काम एक महीने के अंदर कराएं। गर्मी के मद्देनजर खराब नलकूप और इंडिया मार्का हैंडपंप भी जल्द से जल्द दुरुस्त कराएं।
शहर में निर्माणाधीन फ्लाईओवर समेत अन्य विकास कार्यों के बाबत कहा कि हर काम पर सरकार की नजर है। इन कार्यों की मानीटरिंग के लिए कमिश्नर की जिम्मेदारी तय की गई है।
विज्ञापन
प्लांट लगाकर कूड़े से बिजली बनाएगी। इसके बदले सरकार उसे सिर्फ जमीन उपलब्ध कराएगी। कूड़ा प्रबंधन के लिए करसड़ा प्लांट को भी अपग्रेड किया जाएगा। यह जानकारी शनिवार को यहां प्रदेश के संसदीय, नगर विकास, शहरी समग्र विकास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री सुरेश खन्ना ने दी।
विज्ञापन
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि इको ग्रीन ने शहर का सर्वे शुरू कर दिया है। कूड़ा प्रबंधन के अलावा अतिक्रमण और पार्किंग शहर की बड़ी समस्या है। इनके समाधान के लिए जनता का सहयोग बेहद जरूरी है। बताया कि जिले में नई गोशाला बनने जा रही है।
विज्ञापन
सड़कों पर घूमने वाले छुट्टा पशुओं को भी यहां रखा जाएगा। इसके लिए सरकार पर्याप्त बजट देगी। दूषित जलापूर्ति की शिकायतों पर कहा कि कई इलाकों में सीवर और पेयजल की पाइप लाइन एक साथ गुजरी है। पाइप लीक होने से कई स्थानों पर दूषित जलापूर्ति की शिकायतें उन्हें मिली हैं।
अफसरों को निर्देश दिया है कि दोनों लाइनें जहां एक साथ गुजरी हैं, वहां से पेयजल की पाइप लाइन अलग करने का काम एक महीने के अंदर कराएं। गर्मी के मद्देनजर खराब नलकूप और इंडिया मार्का हैंडपंप भी जल्द से जल्द दुरुस्त कराएं।
शहर में निर्माणाधीन फ्लाईओवर समेत अन्य विकास कार्यों के बाबत कहा कि हर काम पर सरकार की नजर है। इन कार्यों की मानीटरिंग के लिए कमिश्नर की जिम्मेदारी तय की गई है।
कूड़े से बिजली बनाती है इको ग्रीन कंपनी
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में काम करने वाली इको ग्रीन चीन की कंपनी है। यह कंपनी कचरे से बिजली उत्पादन करती है। इस कंपनी को लखनऊ और वाराणसी शहर में ठोस कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी देने की तैयारी है।
बता दें कि इससे पहले शहर में कूड़ा प्रबंधन के लिए पूर्ववर्ती सपा सरकार ने निजी एजेंसी एटूजेड से करार किया था लेकिन आपसी खींचतान के चलते अगस्त 2012 में कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए और डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन बंद कर दिया। उसके बाद सरकार ने करार रद्द कर दिया।
बता दें कि इससे पहले शहर में कूड़ा प्रबंधन के लिए पूर्ववर्ती सपा सरकार ने निजी एजेंसी एटूजेड से करार किया था लेकिन आपसी खींचतान के चलते अगस्त 2012 में कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए और डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन बंद कर दिया। उसके बाद सरकार ने करार रद्द कर दिया।