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‘युवाओं देश को संभालना तुम्हारी जिम्मेदारी’
Varanasi
Updated Tue, 12 Mar 2013 05:30 AM IST
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वाराणसी। कभी अन्ना हजारे के सहयोगी रहे कुमार विश्वास ने बीएचयू में आयोजित एलेग्जर-2013 में युवाआें को अपने कविता के माध्यम से खूब गुदगुदाया। लगभग दो घंटे के कार्यक्रम में उन्हाेंने, लालू, मोदी, मुलायम, मायावती, मनमोहन, रामदेव, राहुल गांधी आदि पर भी टिप्पणी की।
उनकी कविता ‘कोई दिवाना कहता है, कोई पागल समझता है, मगर धरती की मजबूरी केवल बादल समझता है। तुम्हारी रात और हमारी रात में बस फर्क इतना है, तुम्हारी सो के गुजरी है हमारी रो के गुजरी है पर छात्र वाहवाह कह उठे। ‘चिडि़या कितनी उड़े आकाश दाना है धरती के पास’ और ‘ये चादर सुख के मौला क्याें सदा छोटी बनाता है, शिरा कोई भी थामाें दूसरा छूट जाता है और ‘मेरे जीने-मरने में तुम्हारा नाम आएगा, हरेक धड़कन में तुम हो फिर बात क्या है, बहुत बिखरा बहुत टूटा थपेडे़ सह नहीं पाया’ पर भी विद्यार्थी खुद को ताली बजाने से नहीं रोक सके। जाते-जाते कुमार विश्वास ने कहा कि युवाआें देश बहुत गर्दिश में है, इसे संभालना तुम्हारी जिम्मेदारी है। देश का पीएम मोदी, राहुल या केजरीवाल बनें मेरा सिर्फ इतना स्वार्थ है कि आने वाली पीढ़ी जब मुझसे पूछे तो मैं बताऊं की देश में आंदोलन के समय मैं भी जगा था।
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उनकी कविता ‘कोई दिवाना कहता है, कोई पागल समझता है, मगर धरती की मजबूरी केवल बादल समझता है। तुम्हारी रात और हमारी रात में बस फर्क इतना है, तुम्हारी सो के गुजरी है हमारी रो के गुजरी है पर छात्र वाहवाह कह उठे। ‘चिडि़या कितनी उड़े आकाश दाना है धरती के पास’ और ‘ये चादर सुख के मौला क्याें सदा छोटी बनाता है, शिरा कोई भी थामाें दूसरा छूट जाता है और ‘मेरे जीने-मरने में तुम्हारा नाम आएगा, हरेक धड़कन में तुम हो फिर बात क्या है, बहुत बिखरा बहुत टूटा थपेडे़ सह नहीं पाया’ पर भी विद्यार्थी खुद को ताली बजाने से नहीं रोक सके। जाते-जाते कुमार विश्वास ने कहा कि युवाआें देश बहुत गर्दिश में है, इसे संभालना तुम्हारी जिम्मेदारी है। देश का पीएम मोदी, राहुल या केजरीवाल बनें मेरा सिर्फ इतना स्वार्थ है कि आने वाली पीढ़ी जब मुझसे पूछे तो मैं बताऊं की देश में आंदोलन के समय मैं भी जगा था।
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