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कैथी में उल्टी-दस्त से एक और महिला की मौत
Varanasi
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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चौबेपुर। दूषित पेयजल और गंदगी के चलते संक्रामक रोग की जद में आए कैथी गांव की एक और महिला ने शुक्रवार को उपचार के दौरान पं. दीनदयाल अस्पताल में दम तोड़ दिया। अब तक उल्टी-दस्त से मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई। विडंबना यह है कि संक्रामक रोग पर नियंत्रण करने में अब तक नाकाम रहे जिला प्रशासन ने गांव में पिछले तीन दिन से टैंकर से उपलब्ध कराया जाने वाले पानी की आपूर्ति भी बंद कर दी है। प्रशासन द्वारा उचित व्यवस्था नहीं किए जाने से लोगाें में आक्रोश है।
कैथी की दुलारी देवी (70) को उल्टी-दस्त होने पर 16 नवंबर को गांव के प्राइमरी स्कूल में बनाए गए अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। तीन दिन उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। गुरुवार की रात अचानक उसकी तबीयत फिर बिगड़ने लगी तो उसे पं. दीनदयाल अस्पताल में भरती कराया गया। यहां शुक्रवार की सुबह उसने दम तोड़ दिया। पांच दिन पहले उसके परिवार के ही नागेंद्र की भी उल्टी-दस्त से मौत हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि मारकंडेय महादेव के वार्षिक शृंगार और देव दीपावली के मद्देनजर गांव में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में लोग दूषित पानी पीएंगे तो उनके भी संक्रामक रोग की चपेट में आने की आशंका है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि 29 नवंबर तक टैंकर से पानी की सप्लाई की जानी चाहिए।
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कैथी की दुलारी देवी (70) को उल्टी-दस्त होने पर 16 नवंबर को गांव के प्राइमरी स्कूल में बनाए गए अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। तीन दिन उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। गुरुवार की रात अचानक उसकी तबीयत फिर बिगड़ने लगी तो उसे पं. दीनदयाल अस्पताल में भरती कराया गया। यहां शुक्रवार की सुबह उसने दम तोड़ दिया। पांच दिन पहले उसके परिवार के ही नागेंद्र की भी उल्टी-दस्त से मौत हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि मारकंडेय महादेव के वार्षिक शृंगार और देव दीपावली के मद्देनजर गांव में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में लोग दूषित पानी पीएंगे तो उनके भी संक्रामक रोग की चपेट में आने की आशंका है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि 29 नवंबर तक टैंकर से पानी की सप्लाई की जानी चाहिए।
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