{"_id":"140-79730","slug":"Varanasi-79730-140","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर का मोनू पहाड़ी गिरोह शहर में सक्रिय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर का मोनू पहाड़ी गिरोह शहर में सक्रिय
Varanasi
Updated Sat, 03 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
वाराणसी। कानपुर का पचास हजार का इनामी बदमाश मोनू पहाड़ी का गिरोह बनारस में सक्रिय है। वह जेल में बंद साथी रईस बनारसी के नेटवर्क के सहारे वह जाल फैलाए हुए है। मोनू पहाड़ी की गिरफ्तारी के लिए यहां की पुलिस ने कानपुर पुलिस से संपर्क किया है। दोनों जिलों की पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में है। सत्ताधारी दल से जुड़ा एक सफेदपोश रईस का करीबी बताया जाता है।
कानपुर कचहरी में 30 नवंबर को शानू ओलंगा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें रईस बनारसी, गुड्डू बिंद और मोनू पहाड़ी का नाम आया था। इसके बाद दशाश्वमेध स्थित अपने ननिहाल में रह रहे रईस को आदमपुर पुलिस ने 23 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला था कि रईस ने ही साड़ी व्यवसायी फखरुद्दीन और भेलूपुर में आटो चालक की हत्या की थी। शानू ओलंगा की हत्या में वांछित मोनू पहाड़ी अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। शासन ने उस पर पचास हजार का इनाम घोषित किया है। कानपुर के कई इलाकों में उसका प्रभाव है। सूत्रों की मानें तो मोनू पहाड़ी जेल में बंद साथी रईस की मदद से वाराणसी में भी सक्रिय है। एसओजी को इसकी जानकारी मिली है। एसओजी ने कानपुर पुलिस से संपर्क किया है। पुलिस मोनू पहाड़ी और रईस के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। सारनाथ पुलिस ने 24 अक्तूबर को रईस गैंग से जुड़े बाले पटेल उर्फ सुरेंद्र, पंकज नाटे उर्फ संतोष को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
कानपुर कचहरी में 30 नवंबर को शानू ओलंगा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें रईस बनारसी, गुड्डू बिंद और मोनू पहाड़ी का नाम आया था। इसके बाद दशाश्वमेध स्थित अपने ननिहाल में रह रहे रईस को आदमपुर पुलिस ने 23 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला था कि रईस ने ही साड़ी व्यवसायी फखरुद्दीन और भेलूपुर में आटो चालक की हत्या की थी। शानू ओलंगा की हत्या में वांछित मोनू पहाड़ी अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। शासन ने उस पर पचास हजार का इनाम घोषित किया है। कानपुर के कई इलाकों में उसका प्रभाव है। सूत्रों की मानें तो मोनू पहाड़ी जेल में बंद साथी रईस की मदद से वाराणसी में भी सक्रिय है। एसओजी को इसकी जानकारी मिली है। एसओजी ने कानपुर पुलिस से संपर्क किया है। पुलिस मोनू पहाड़ी और रईस के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। सारनाथ पुलिस ने 24 अक्तूबर को रईस गैंग से जुड़े बाले पटेल उर्फ सुरेंद्र, पंकज नाटे उर्फ संतोष को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन