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कौन मानेगा, यहां कभी आती थी बाढ़!
Varanasi
Updated Sun, 10 Jun 2012 12:00 PM IST
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सेवापुरी। यह तस्वीर देखकर यकीन करना मुश्किल है कि कभी इस स्थान पर वरुणा में इतना पानी हुआ करता था कि लोग भय खाते थे। बरसात में तो बाढ़ के चलते लोगों को पलायन करना ही पड़ता था, मई-जून में भी चार से पांच फीट से अधिक पानी हुआ करता था। पर वक्त के साथ-साथ सूखती जा रही हैं वरुणा की धमनियां। भोजाबीर घाट के समीप वरुणा की दशा दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। जिसकी गवाही देती है यह तस्वीर।
भोजाबीर घाट राखी नेवादा के सुरेंद्र दीक्षित, तेजबली दीक्षित, राकेश दीक्षित और पारसनाथ ने बताया कि एक दशक पहले तक यहां वरुणा में खूब पानी हुआ करता था। एक-दो बार नावें भी पलट चुकी हैं। कभी इतना पानी था कि लोग परेशान थे और यहां पुल चाहते थे। वर्ष 1999 में यहां विधायक अजय राय ने पुल का शिलान्यास किया जिस पर 2005 में आवागमन शुरू हुआ। आज की तारीख में हालत यह हो गई है कि यहां हाथ धोने लायक भी पानी नहीं बचा। इसके चलते वरुणा के तटवर्ती गांवों ईसीपुर, फत्तेपुर, लोकापुर, दयालपुर, पांडेयपुर, सैरा, गोटी, इंदरपुर, सत्तनपुर, भिटकुरी, तेंदुई आदि में वरुणा के सूखने से भूजल स्तर नीचे जा रहा है।
कोट:
लखीमपुर खीरी में बैराज के फाटक खोले जाने के बाद भी अब तक शारदा सहायक में पानी नहीं आ सका है। इसके चलते वरुणा में अभी पानी आने की संभावना कम है। -केपी सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग।
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आज जल लेकर करेंगे संकल्प
सेवापुरी। चंद्रप्रभा पब्लिक स्कूल के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह ने बताया कि रविवार को विद्यालय के शिक्षकों और स्थानीय अभिभावकों के साथ कालिकाधाम में वरुणा का जल लेकर उसकी अविरलता और निर्मलता बनाए रखने के लिए प्रयास करने का संकल्प लेंगे।
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भोजाबीर घाट राखी नेवादा के सुरेंद्र दीक्षित, तेजबली दीक्षित, राकेश दीक्षित और पारसनाथ ने बताया कि एक दशक पहले तक यहां वरुणा में खूब पानी हुआ करता था। एक-दो बार नावें भी पलट चुकी हैं। कभी इतना पानी था कि लोग परेशान थे और यहां पुल चाहते थे। वर्ष 1999 में यहां विधायक अजय राय ने पुल का शिलान्यास किया जिस पर 2005 में आवागमन शुरू हुआ। आज की तारीख में हालत यह हो गई है कि यहां हाथ धोने लायक भी पानी नहीं बचा। इसके चलते वरुणा के तटवर्ती गांवों ईसीपुर, फत्तेपुर, लोकापुर, दयालपुर, पांडेयपुर, सैरा, गोटी, इंदरपुर, सत्तनपुर, भिटकुरी, तेंदुई आदि में वरुणा के सूखने से भूजल स्तर नीचे जा रहा है।
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कोट:
लखीमपुर खीरी में बैराज के फाटक खोले जाने के बाद भी अब तक शारदा सहायक में पानी नहीं आ सका है। इसके चलते वरुणा में अभी पानी आने की संभावना कम है। -केपी सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग।
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आज जल लेकर करेंगे संकल्प
सेवापुरी। चंद्रप्रभा पब्लिक स्कूल के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह ने बताया कि रविवार को विद्यालय के शिक्षकों और स्थानीय अभिभावकों के साथ कालिकाधाम में वरुणा का जल लेकर उसकी अविरलता और निर्मलता बनाए रखने के लिए प्रयास करने का संकल्प लेंगे।