{"_id":"64975","slug":"Varanasi-64975-140","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिले रंगदारी इसलिए मारा गया व्यापारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिले रंगदारी इसलिए मारा गया व्यापारी
Varanasi
Updated Wed, 06 Jun 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। शिवपुर के भरलाई में व्यवसायी सुशील कुमार सिंह की हत्या मार्बल व्यवसायियों में दबदबा और नए गैंग की पहचान बनाने के लिए की गई थी। बदमाशों की योजना थी कि सुशील की हत्या के बाद अन्य कारोबारी दहशत में आ जाएंगे और फिर गैंग के लोग रंगदारी वसूल कर सकेंगे। पुलिस ने 28 मई की इस वारदात का चार बदमाशों को गिरफ्तार कर खुलासा तो कर दिया, लेकिन गोली चलाने वाला मुख्य आरोपी शूटर अजीम उसकी पकड़ से दूर ही रहा। इस बदमाश पर दस हजार का इनाम घोषित किया गया है। इसके साथ ही उसे गैंगस्टर और रासुका में निरुद्ध किया जाएगा। वारदात का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को आईजी ने 15 हजार रुपये देने का ऐलान किया है।
कैंट क्षेत्र के टैगोर टाउन निवासी मार्बल व्यवसायी सुशील कुमार सिंह की 28 मई को शिवपुर के भरलाई स्थित दुकान में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एसएसपी ने एसपी सिटी संतोष कुमार सिंह, सीओ कैंट दिनेश कुमार सिंह के निर्देशन में एसओजी, शिवपुर और चौबेपुर पुलिस को इसके पर्दाफाश की जिम्मेदारी सौंपी थी। पुलिस ने जब इस केस की जांच शुरू की तो पता चला कि शिवपुर में 2010 में एक मार्बल व्यवसायी को धमकी दी गई थी। उस दौरान अजीम के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था। इधर पुलिस को यह भी पता चला कि अजीम और एक अन्य बदमाश मुरली ने 26 मई को सुशील की दुकान की रेकी की थी। दोनों वहां पत्थर खरीदने गए थे। हत्या वाले दिन भी यही दोनों वहां गए थे। दोनों दिन के मोबाइल टॉवर की लोकेशन देखने पर पता चला कि रेकी और वारदात को अंजाम देने वाले एक ही हैं। सेल्समैन ने पुलिस को बदमाशों का हुलिया भी बताया था। ऐसे में पुलिस ने जब कॉल डिटेल खंगाली तो धीरे-धीरे मामला खुलने लगा।
एसएसपी बीडी पालसन के अनुसार सुशील की हत्या की योजना बड़ागांव के रसूलपुर निवासी शाह आलम ने बनाई थी। उसके घर 28 मई को लहरतारा निवासी अजीम, फुलवरिया निवासी समीर मोहम्मद उर्फ सोनू, फूलवरिया निवासी इंद्रदेव उर्फ मुरली और बड़ागांव के रसूलपुर निवासी प्रशंात सिंह उर्फ वरुण इकट्ठा हुए थे। यहां से सभी दो बाइक पर सवार होकर सुशील की दुकान पर पहुंचे और अजीम ने सुशील पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। वरुण भीड़ को कवर करने के लिए असलहा लिए बाहर खड़ा था, जबकि मुरली और सोनू अपनी-अपनी बाइक स्टार्ट कर भागने के लिए खड़े थे। शाह आलम अपनी पल्सर लेकर पास ही स्थित जूस की दुकान के पास खड़ा था। व्यवसायी की हत्या के बाद वरुण अपने साथी सोनू को शिवपुर सब्जी मंडी छोड़कर सेंट्रल जेल रोड स्थित अपने रिश्तेदार के यहां चला गया, जबकि मुरली और अजीम कोइलहवा पुल होते हुए मुरली के घर चले गए। जांच में जुटी पुलिस ने अजीम को छोड़ चारों बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके पास से एक नाइन एमएम की पिस्टल, 315 बोर के तीन तमंचे, पल्सर एवं स्टार सिटी बाइक, चार मोबाइल और कारतूस बरामद किया है। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओजी प्रभारी एसपी सिंह, एसआई भारत भूषण तिवारी, विजय प्रताप सिंह, सुनील कुमार वर्मा, एसओ शिवपुर अशोक कुमार वर्मा, एसओ चौबेपुर गजानंद चौबे, कमलेश राय आदि शामिल थे। फरार मुख्य शूटर अजीम की तलाश तेज कर दी गई है। एसएसपी के अनुसार अजीम ने ही 30 मई को भी शिवपुर के एक व्यापारी से रंगदारी मांगी है।
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एसएमएस से करें रंगदारी की शिकायत
रंगदारी वसूलने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती से निबटेगी। व्यापारी रंगदारी की शिकायत मोबाइल नंबर 9454400217 सीधे फोन कर या एसएमएस से कर सकते हैं- बीडी पाल्सन, एसएसपी
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कैंट क्षेत्र के टैगोर टाउन निवासी मार्बल व्यवसायी सुशील कुमार सिंह की 28 मई को शिवपुर के भरलाई स्थित दुकान में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एसएसपी ने एसपी सिटी संतोष कुमार सिंह, सीओ कैंट दिनेश कुमार सिंह के निर्देशन में एसओजी, शिवपुर और चौबेपुर पुलिस को इसके पर्दाफाश की जिम्मेदारी सौंपी थी। पुलिस ने जब इस केस की जांच शुरू की तो पता चला कि शिवपुर में 2010 में एक मार्बल व्यवसायी को धमकी दी गई थी। उस दौरान अजीम के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था। इधर पुलिस को यह भी पता चला कि अजीम और एक अन्य बदमाश मुरली ने 26 मई को सुशील की दुकान की रेकी की थी। दोनों वहां पत्थर खरीदने गए थे। हत्या वाले दिन भी यही दोनों वहां गए थे। दोनों दिन के मोबाइल टॉवर की लोकेशन देखने पर पता चला कि रेकी और वारदात को अंजाम देने वाले एक ही हैं। सेल्समैन ने पुलिस को बदमाशों का हुलिया भी बताया था। ऐसे में पुलिस ने जब कॉल डिटेल खंगाली तो धीरे-धीरे मामला खुलने लगा।
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एसएसपी बीडी पालसन के अनुसार सुशील की हत्या की योजना बड़ागांव के रसूलपुर निवासी शाह आलम ने बनाई थी। उसके घर 28 मई को लहरतारा निवासी अजीम, फुलवरिया निवासी समीर मोहम्मद उर्फ सोनू, फूलवरिया निवासी इंद्रदेव उर्फ मुरली और बड़ागांव के रसूलपुर निवासी प्रशंात सिंह उर्फ वरुण इकट्ठा हुए थे। यहां से सभी दो बाइक पर सवार होकर सुशील की दुकान पर पहुंचे और अजीम ने सुशील पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। वरुण भीड़ को कवर करने के लिए असलहा लिए बाहर खड़ा था, जबकि मुरली और सोनू अपनी-अपनी बाइक स्टार्ट कर भागने के लिए खड़े थे। शाह आलम अपनी पल्सर लेकर पास ही स्थित जूस की दुकान के पास खड़ा था। व्यवसायी की हत्या के बाद वरुण अपने साथी सोनू को शिवपुर सब्जी मंडी छोड़कर सेंट्रल जेल रोड स्थित अपने रिश्तेदार के यहां चला गया, जबकि मुरली और अजीम कोइलहवा पुल होते हुए मुरली के घर चले गए। जांच में जुटी पुलिस ने अजीम को छोड़ चारों बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके पास से एक नाइन एमएम की पिस्टल, 315 बोर के तीन तमंचे, पल्सर एवं स्टार सिटी बाइक, चार मोबाइल और कारतूस बरामद किया है। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओजी प्रभारी एसपी सिंह, एसआई भारत भूषण तिवारी, विजय प्रताप सिंह, सुनील कुमार वर्मा, एसओ शिवपुर अशोक कुमार वर्मा, एसओ चौबेपुर गजानंद चौबे, कमलेश राय आदि शामिल थे। फरार मुख्य शूटर अजीम की तलाश तेज कर दी गई है। एसएसपी के अनुसार अजीम ने ही 30 मई को भी शिवपुर के एक व्यापारी से रंगदारी मांगी है।
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रंगदारी वसूलने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती से निबटेगी। व्यापारी रंगदारी की शिकायत मोबाइल नंबर 9454400217 सीधे फोन कर या एसएमएस से कर सकते हैं- बीडी पाल्सन, एसएसपी