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शूटरों की नई फौज पुलिस के लिए चिंता का सबब
Varanasi
Updated Wed, 30 May 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। हालिया दिनों में हुईं ताबड़तोड़ वारदातें और शहर में बढ़ती शूटर्स की फौज पुलिस के लिए चिंता का विषय बन गई है। बैंक लिपिक महेश जायसवाल की हत्या में शामिल शूटरों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह सोचकर सुस्त पड़ गई थी कि अब वारदातों पर लगाम लग जाएगी, लेकिन सोमवार को शिवपुर बाईपास पर मार्बल कारोबारी सुशील सिंह की हत्या ने उसे फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। पुलिस की मानें तो जरायम की दुनिया में राजेश चौधरी ने एक दर्जन से अधिक शूटरों का गैंग खड़ा कर दिया है। इन्हें चेन स्नेचिंग, लूट में भी ट्रेंड किया गया है। इसके साथ ही पुलिस महकमे में राजेश के साथ ही उसके नए साथी हनी की भी चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो मुठभेड़ में मारे गए मुन्ना बजरंगी के सिपहसालार कृपा चौधरी के दामाद राजेश चौधरी ने जिला कारागार में रहते हुए नया नेटवर्क तैयार किया है। वह अपने गैंग के लोगों की जमानत में तो सहयोग करता ही है, फील्ड में उतरने के लिए शूटरों को भी तैयार करता है। पता चला है कि लगभग एक माह पहले जमानत पर छूटे अभिषेक उर्फ हनी ने राजेश के साथ गठजोड़ कर लिया है। जेल में भी हनी के साथी राजेश के साथ उठते-बैठते हैं। इधर, सोमवार को मार्बल व्यवसायी सुशील सिंह उर्फ डब्लू की हत्या के बाद हनी सिंह का नाम सामने आ रहा है। यह भी जानकारी मिली है कि किसी मामले को लेकर हनी गैंग के लोगों ने उससे पैसा मांगा था। मंगलवार को आदमपुर में व्यवसायी राजकुमार गुप्ता को गोली मारने के बाद जेल में बंद राजेश चौधरी गैंग की भूमिका भी शक के दायरे में आ गई है।
पुलिस का मानना है कि इस गैंग ने पांडेयपुर, भोजूबीर, आदमपुर, नरिया, सारनाथ समेत शहर के अन्य इलाकों में एक दर्जन शूटरों को तैयार कर रखा है। इस पर पुलिस अधिकारियों ने मंथन शुरू कर दिया है। पुलिस को यह भी पता चला है कि जिला कारागार से पेशी पर आने के बाद गैंग के शूटर आपस में मिलकर बाहर की सूचना का आदान-प्रदान कर रहे हैं। बता दें कि पहले पेशी पर मुलाकात के दौरान सख्ती बरती जाती थी, लेकिन अब ढिलाई बरतने से बदमाशों का हौसला बुलंद है।
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पुलिस सूत्रों की मानें तो मुठभेड़ में मारे गए मुन्ना बजरंगी के सिपहसालार कृपा चौधरी के दामाद राजेश चौधरी ने जिला कारागार में रहते हुए नया नेटवर्क तैयार किया है। वह अपने गैंग के लोगों की जमानत में तो सहयोग करता ही है, फील्ड में उतरने के लिए शूटरों को भी तैयार करता है। पता चला है कि लगभग एक माह पहले जमानत पर छूटे अभिषेक उर्फ हनी ने राजेश के साथ गठजोड़ कर लिया है। जेल में भी हनी के साथी राजेश के साथ उठते-बैठते हैं। इधर, सोमवार को मार्बल व्यवसायी सुशील सिंह उर्फ डब्लू की हत्या के बाद हनी सिंह का नाम सामने आ रहा है। यह भी जानकारी मिली है कि किसी मामले को लेकर हनी गैंग के लोगों ने उससे पैसा मांगा था। मंगलवार को आदमपुर में व्यवसायी राजकुमार गुप्ता को गोली मारने के बाद जेल में बंद राजेश चौधरी गैंग की भूमिका भी शक के दायरे में आ गई है।
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पुलिस का मानना है कि इस गैंग ने पांडेयपुर, भोजूबीर, आदमपुर, नरिया, सारनाथ समेत शहर के अन्य इलाकों में एक दर्जन शूटरों को तैयार कर रखा है। इस पर पुलिस अधिकारियों ने मंथन शुरू कर दिया है। पुलिस को यह भी पता चला है कि जिला कारागार से पेशी पर आने के बाद गैंग के शूटर आपस में मिलकर बाहर की सूचना का आदान-प्रदान कर रहे हैं। बता दें कि पहले पेशी पर मुलाकात के दौरान सख्ती बरती जाती थी, लेकिन अब ढिलाई बरतने से बदमाशों का हौसला बुलंद है।
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