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शोध प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट पर जताई आपत्ति
Varanasi
Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
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शोध प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट पर जताई आपत्ति
दो विभागों ने कुलपति को लिखित आपत्ति भेजी
समाज शास्त्र के छात्रों ने जांच कराने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की शोध प्रवेश परीक्षा का दो साल बाद घोषित हुए परिणाम विवादों के घेरे में आ गया है। परिणाम के साथ ही मेरिट पर ही सवालिया निशान लगाए गए हैं। आरोप है कि मेरिट बनाने के आरक्षण कानून का सही पालन नहीं किया गया, जिससे कई अभ्यर्थी असफल हो गए हैं। इस संदर्भ में दो विभागों द्वारा कुलपति को लिखित आपत्ति दी गई है तो समाज शास्त्र विभाग के छात्रों ने जांच कराने की मांग की है।
विद्यापीठ में पीएचडी में प्रवेश के लिए दो साल पहले लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। दो साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद पिछले दिनों इतिहास, राजनीति विज्ञान, हिंदी पत्रकारिता, अर्थशास्त्र, विधि, मनोविज्ञान, समाज कार्य, वाणिज्य, समाज शास्त्र, दर्शन शास्त्र और संस्कृत समेत 11 विषयों का रिजल्ट जारी किया गया। इनमें पत्रकारिता और अर्थशास्त्र विभाग के शिक्षकों ने रिजल्ट पर कुलपति के समक्ष लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। जबकि दूसरे विभाग भी लिखित शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं। वहीं समाज शास्त्र के विद्यार्थियों ने भी मोर्चा खोल दिया है। छात्रों ने शिकायत की है कि कई योग्य अभ्यर्थियों को मौखिक परीक्षा में काफी कम नंबर दिए गए हैं, जिससे वे मेरिट से बाहर हो गए हैं। छात्रों ने रिजल्ट की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। दूसरी ओर कुलसचिव साहब लाल मौर्य का कहना है रिजल्ट तैयार करने में आरक्षण के नियमों का पूरी तरह पालन किया गया है। बताया कि मिली आपत्तियों का अवलोकन किया जाएगा।
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दो विभागों ने कुलपति को लिखित आपत्ति भेजी
समाज शास्त्र के छात्रों ने जांच कराने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की शोध प्रवेश परीक्षा का दो साल बाद घोषित हुए परिणाम विवादों के घेरे में आ गया है। परिणाम के साथ ही मेरिट पर ही सवालिया निशान लगाए गए हैं। आरोप है कि मेरिट बनाने के आरक्षण कानून का सही पालन नहीं किया गया, जिससे कई अभ्यर्थी असफल हो गए हैं। इस संदर्भ में दो विभागों द्वारा कुलपति को लिखित आपत्ति दी गई है तो समाज शास्त्र विभाग के छात्रों ने जांच कराने की मांग की है।
विद्यापीठ में पीएचडी में प्रवेश के लिए दो साल पहले लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। दो साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद पिछले दिनों इतिहास, राजनीति विज्ञान, हिंदी पत्रकारिता, अर्थशास्त्र, विधि, मनोविज्ञान, समाज कार्य, वाणिज्य, समाज शास्त्र, दर्शन शास्त्र और संस्कृत समेत 11 विषयों का रिजल्ट जारी किया गया। इनमें पत्रकारिता और अर्थशास्त्र विभाग के शिक्षकों ने रिजल्ट पर कुलपति के समक्ष लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। जबकि दूसरे विभाग भी लिखित शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं। वहीं समाज शास्त्र के विद्यार्थियों ने भी मोर्चा खोल दिया है। छात्रों ने शिकायत की है कि कई योग्य अभ्यर्थियों को मौखिक परीक्षा में काफी कम नंबर दिए गए हैं, जिससे वे मेरिट से बाहर हो गए हैं। छात्रों ने रिजल्ट की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। दूसरी ओर कुलसचिव साहब लाल मौर्य का कहना है रिजल्ट तैयार करने में आरक्षण के नियमों का पूरी तरह पालन किया गया है। बताया कि मिली आपत्तियों का अवलोकन किया जाएगा।
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