{"_id":"61396","slug":"Varanasi-61396-140","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहीं बिगड़ न जाए शहर की सेहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कहीं बिगड़ न जाए शहर की सेहत
Varanasi
Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
वाराणसी। एक तो पहले से ही कचरे का बैकलाग था, ऊपर से दो दिनों से कूड़े का निस्तारण न होने से शहर की सेहत पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दरअसल ए टू जेड जहां कूड़े का निस्तारण कर रहा था वहां के किसानों के विरोध के चलते कूड़े का उठान नहीं हो पा रहा है। हालत यह है कि जगह-जगह कंटेनर भरा पड़ा है और आसपास भी गंदगी फैल रही है। यहां तक कि सौ मीटर के दायरे में भी चंद सेकेंड खड़ा रहना दुश्वार है। यदि एक-दो दिनों में कूड़े का निस्तारण नहीं किया गया तो संक्रामक बीमारी फैलने से इंकार नहीं किया जा सकता।
शहर की साफ-सफाई का जिम्मा नगर निगम का है और कूड़े के निस्तारण का काम ए टू जेड के पास है। ए टू जेड 15 दिनों से कैथी, ढकवां, भंदहां, सिधौना, रजवाड़ी आदि गांव के समीप वाराणसी-गाजीपुर मार्ग की पटरियों के किनारे कूड़े का निस्तारण कर रहा था, मगर इन गांवों के लोगों के विरोध के चलते दो दिनों से कूड़ा नहीं उठ पा रहा है। हालात इस कदर खराब हो गए हैं कि जहां कंटेनर रखा है उसके आसपास गंदगी की भरमार हो गई है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। कबीर चौरा, बेनियाबाग, चौकाघाट, गोदौलिया, सिगरा, सोनिया, लल्लापुरा आदि इलाकों में यह नजारा देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक-दो दिनों में कूड़ों का निस्तारण नहीं हुआ तो संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
वर्जन -
शहर को साफ सुथरा रखने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। कूड़ा निस्तारण का काम ए टू जेड का है। यदि वह कूड़ा निस्तारण में असमर्थ है तो नगर निगम कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था करेगा। जिलाधिकारी से इसकी मौखिक स्वीकृति मिल चुकी है। नगर निगम उन जगहों पर ही कूड़ा निस्तारित करेगा, जहां वह पहले से करता आया है। शहर में संक्रामक रोग को पांव नहीं पसारने दिया जाएगा-डा. बीके सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर की साफ-सफाई का जिम्मा नगर निगम का है और कूड़े के निस्तारण का काम ए टू जेड के पास है। ए टू जेड 15 दिनों से कैथी, ढकवां, भंदहां, सिधौना, रजवाड़ी आदि गांव के समीप वाराणसी-गाजीपुर मार्ग की पटरियों के किनारे कूड़े का निस्तारण कर रहा था, मगर इन गांवों के लोगों के विरोध के चलते दो दिनों से कूड़ा नहीं उठ पा रहा है। हालात इस कदर खराब हो गए हैं कि जहां कंटेनर रखा है उसके आसपास गंदगी की भरमार हो गई है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। कबीर चौरा, बेनियाबाग, चौकाघाट, गोदौलिया, सिगरा, सोनिया, लल्लापुरा आदि इलाकों में यह नजारा देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक-दो दिनों में कूड़ों का निस्तारण नहीं हुआ तो संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
विज्ञापन
वर्जन -
शहर को साफ सुथरा रखने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। कूड़ा निस्तारण का काम ए टू जेड का है। यदि वह कूड़ा निस्तारण में असमर्थ है तो नगर निगम कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था करेगा। जिलाधिकारी से इसकी मौखिक स्वीकृति मिल चुकी है। नगर निगम उन जगहों पर ही कूड़ा निस्तारित करेगा, जहां वह पहले से करता आया है। शहर में संक्रामक रोग को पांव नहीं पसारने दिया जाएगा-डा. बीके सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
विज्ञापन