{"_id":"140-146305","slug":"Varanasi-146305-140","type":"story","status":"publish","title_hn":"कमरे में बाहरी छात्र मिले तो रद्द होगा आवंटन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कमरे में बाहरी छात्र मिले तो रद्द होगा आवंटन
Varanasi
Updated Wed, 03 Dec 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में बंद हास्टलों के ताले आज से खुल जाएंगे। प्रथम चरण में बुधवार को लाल बहादुर शास्त्री और राजाराम मोहन राय छात्रावास खोला जाएगा। हालांकि छात्रों को हास्टल सुविधा देने के पूर्व विश्वविद्यालय प्रशासन सभी छात्रों से एक अंडरटेकिंग लेगा। जिसके तहत यदि छात्र किसी भी बाहरी छात्र को अपने साथ हास्टल में रहने देता है कि तो उनका छात्रावास आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। यह नियम उन सभी छात्रों के लिए होगा जो छात्रावास में रह रहे हैं।
मंगलवार की शाम केंद्रीय कार्यालय में कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में उपस्थित संकाय प्रमुखों, छात्रावास समन्वयकों, प्रशासनिक संरक्षकों व संरक्षकों से कुलपति ने छात्रों से संवाद स्थापित करने को कहा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को छात्रों से लगातार संवाद करते रहना चाहिए। शिक्षकों को छात्रों के कुछ समूह की मेंटरिंग करनी चाहिए ताकि छात्रों से सकारात्मक संवाद की स्थिति बनी रहे। उन्होंने छात्रों से भी अपील की है कि वो विश्वविद्यालय की गरिमा को ध्यान में रखकर शैक्षणिक कर्म को वरीयता दें।
---
शताब्दी वर्ष समारोह में होंगे विश्वस्तर के विद्वानों के व्याख्यान
वाराणसी। मंगलवार को केंद्रीय कार्यालय में कुलपति की अध्यक्षता में हुई बैठक में शताब्दी वर्ष समारोह के तहत भी कुछ अहम फैसले हुए। कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष को गरिमामयी ढंग से मनाने का अध्यापकों व अधिकारियों से आह्वान किया। इस शृंखला में उन्होंने संकाय और विश्वविद्यालय स्तर पर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने को कहा। शताब्दी वर्ष समारोह के तहत विश्व एवं राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त विद्वानों का व्याख्यान आयोजित कराया जाएगा। ये व्याख्यान भी संकाय व विश्वविद्यालय स्तर पर होंगे। इसमें छात्रों की भागीदारी भी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार की शाम केंद्रीय कार्यालय में कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में उपस्थित संकाय प्रमुखों, छात्रावास समन्वयकों, प्रशासनिक संरक्षकों व संरक्षकों से कुलपति ने छात्रों से संवाद स्थापित करने को कहा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को छात्रों से लगातार संवाद करते रहना चाहिए। शिक्षकों को छात्रों के कुछ समूह की मेंटरिंग करनी चाहिए ताकि छात्रों से सकारात्मक संवाद की स्थिति बनी रहे। उन्होंने छात्रों से भी अपील की है कि वो विश्वविद्यालय की गरिमा को ध्यान में रखकर शैक्षणिक कर्म को वरीयता दें।
विज्ञापन
---
शताब्दी वर्ष समारोह में होंगे विश्वस्तर के विद्वानों के व्याख्यान
वाराणसी। मंगलवार को केंद्रीय कार्यालय में कुलपति की अध्यक्षता में हुई बैठक में शताब्दी वर्ष समारोह के तहत भी कुछ अहम फैसले हुए। कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष को गरिमामयी ढंग से मनाने का अध्यापकों व अधिकारियों से आह्वान किया। इस शृंखला में उन्होंने संकाय और विश्वविद्यालय स्तर पर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने को कहा। शताब्दी वर्ष समारोह के तहत विश्व एवं राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त विद्वानों का व्याख्यान आयोजित कराया जाएगा। ये व्याख्यान भी संकाय व विश्वविद्यालय स्तर पर होंगे। इसमें छात्रों की भागीदारी भी होगी।
विज्ञापन